बार-बार खतौनी की नकल निकालने से मिलेगी मुक्ति
संतकबीरनगर। आधार की तर्ज पर किसान के लिए सरकार अब फार्मर कार्ड बना रही है। जिले के 2.65 लाख पंजीकृत किसानों काे इसका फायदा मिलेगा। कार्ड में किसान की जमीन का रकबा, खसरा आदि का ब्योरा दर्ज होगा। बार-बार खतौनी की नकल लेने से किसानों को मुक्ति मिल जाएगी।
जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में पात्र किसानों की संख्या 2.65 लाख है। इन किसानों के कार्ड बनाने की कवायद आठ जुलाई से शुरू होकर 30 जुलाई तक चलेगी। गांव-गांव में शिविर लगाकर किसानों का पंजीकरण किया जाएगा। इसमें किसानों का आधार नंबर, खेत का रकबा, खसरा नंबर आदि का विवरण दर्ज किया जाएगा। इसके बाद किसान को एक आईडी नंबर जारी होगा। इस नंबर के जरिए ही संबंधित किसान का पूरा विवरण देखा जा सकेगा। रजिस्ट्री का कार्य पूरा होने के बाद किसान कार्ड बनाया जाएगा।
रजिस्ट्री से मिलने वाले नंबर के जरिए ही दिसंबर से पीएम सम्मान निधि सहित अन्य योजनाओं का लाभ किसानों को दिया जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से एग्रीस्टैक (कृषि के लिए डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा) विकसित करने की योजना के तहत किसानों का पंजीकरण शुरू कर दिया गया है। कर्मचारी गांव में पहुंच कर संबंधित किसान का नाम, पिता का नाम, स्वामित्व वाले सभी गाटा संख्या, सह खातेदार होने की स्थिति में गाटे में किसान का अंश, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, ई-केवाईसी आदि विवरण दर्ज करेंगे।
उप कृषि निदेशक राकेश कुमार सिंह ने बताया कि हर गांव में कैंप लगाया जाएगा। जिसमें लेखपाल और किसान मित्र फार्मा कार्ड बनाएंगे। आठ जुलाई से 30 जुलाई तक गांव-गांव शिविर लगाया जाएगा।
कार्ड से किसानों काे होने वाले लाभ
वर्तमान में किसी भी योजना के लिए किसानों को खतौनी लेनी होती है। किसान रजिस्ट्री होने से सत्यापन, कृषि उत्पाद के विपणन और अन्य वित्तीय मामलों में लाभ मिलेगा। साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि का भुगतान, फसली ऋण के लिए किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा, आपदा के दौरान किसानों को क्षतिपूर्ति लेने में भी फायदा होगा।















