धारा 24 धारा 67 सहित अन्य लंबित मुकदमों का जल्द से जल्द करें निस्तारण_ एडीएम प्रशासन 5 वर्ष से अधिक लंबित मुकदमों का जल्द से जल्द।

धारा 24 धारा 67 सहित अन्य लंबित मुकदमों का जल्द से जल्द करें निस्तारण_ एडीएम प्रशासन

5 वर्ष से अधिक लंबित मुकदमों का जल्द से जल्द सुनवाई कर किया जाए निस्तारण _सीआरओ

गोरखपुर। एडीएम प्रशासन और मुख्य राजस्व अधिकारी ने गूगल मीटिंग कर गोरखपुर जनपद के समस्त एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देशित किया कि धारा 24 धारा 67 सहित एसडीएम, तहसीलदार ,अपर एसडीएम, तहसीलदार न्यायिक सहित नायब तहसीलदारों के न्यायालय में चल रहे मुकदमों की सुनवाई करते हुए जल्द से जल्द गुण दोष के आधार पर फैसला सुनाए जिससे पीड़ित पक्ष को न्याय संगत न्याय मिल सके। तहसीलों के कोर्ट में चल रहे 1 से 3 वर्ष 3 वर्ष से 5 वर्ष या 5 वर्ष से अधिक वर्ष के मुकदमों को जल्द से जल्द निश्तरित करें आज बुधवार को एडीएम प्रशासन पुरुषोत्तम दास गुप्ता व मुख्य राजस्व अधिकारी सुशील कुमार गौड़ ने गूगल मीटिंग करते हुए जनपद के समस्त तहसीलों के एसडीएम, तहसीलदार ,न्यायिक तहसीलदार सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि तहसीलों के न्यायालय में चल रहे धारा 24 धारा 67 सहित अन्य लंबित मुकदमों का निस्तारण गुण दोष के आधार पर जल्द से जल्द निश्तरित करने का कार्य करें जिससे लंबित मुकदमों के निस्तारण हो जाने से पीड़ित पक्ष को न्याय संगत न्याय मिल सके 5 वर्ष से अधिक या 3 से 5 वर्ष के मुकदमे को जल्द से जल्द सुनवाई करते हुए गुण दोष के आधार पर निस्तारित करें जिससे पीड़ित को न्यायालय का चक्कर न लगाना पड़े और उन्हें न्याय संगत न्याय मिल सके।
एडीएम वित्त पुरुषोत्तम दास गुप्ता और मुख्य राजस्व अधिकारी सुशील कुमार गौड़ ने जनपद के समस्त एसडीएम तहसीलदार न्यायिक तहसीलदार अपर एसडीएम सहित सभी संबंधितों को निर्देशित किया कि धारा 24 व 67 सहित अन्य पुराने वादों को सूचीबद्ध करते हुए लगातार सुनवाई करके निस्तारण करें। जिससे पुराने लंबित वादों को समाप्त किया जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी संबंधित पटल सहायक अपने-अपने प्राप्त प्रकरणों अगला पत्रों को संबंधित अधिकारी के संज्ञान में लाएं। जिससे उन मुकदमों का निस्तारण नियमानुसार समयबद्धता के साथ संभव हो सके। नियुक्त लेखपालों के कार्यों की समीक्षा करते हुए यह तय करें कि वह अपने कार्य को सही व समयबद्धता के अनुरूप पूर्ण कर रहे हैं या नहीं। यदि उनके द्वारा कार्य में लापरवाही बरती जा रही है तो नियमानुसार उनके विरुद्ध कार्रवाई करें।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि संबंधित जो भी वाद लंबित हैं, उनका निस्तारण सूचीबद्ध करते हुए समय से करना सुनिश्चित करें।

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