ट्रैफिक कंट्रोल रूम का डीआईजी ने किया निरीक्षण आईटीएमएस में लगाए गए कैमरे की बढ़ाई जाएगी मैमोरी अधिक स्पीड से चलने वाले वाहन चालकों का ज्यादे शुल्क में किया जाए चालान डीआईजी

ट्रैफिक कंट्रोल रूम का डीआईजी ने किया निरीक्षण

आईटीएमएस में लगाए गए कैमरे की बढ़ाई जाएगी मैमोरी

अधिक स्पीड से चलने वाले वाहन चालकों का ज्यादे शुल्क में किया जाए चालान डीआईजी

गोरखपुर।नगर निगम कैम्पस में स्थापित शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक नियंत्रण हेतु आईटीएमएस प्रणाली के कन्ट्रोल रूम का पुलिस उप महानिरीक्षक आनंद कुलकर्णी ने किया निरीक्षण।कन्ट्रोल रूम के निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों द्वारा आई0टी0एम0एस0 के कार्यप्रणाली के बारे में बताया कि इसके तहत शहर के 14 चौराहों पर कैमरे लगाये गये है शहर में चल रहे निर्माण कार्य के कारण सात स्थान पर कैमरे निकाल कर रखे गए हैं सात चौराहों पर कैमरे चल रहे है शहर के 21 चौराहों सिग्नल से चौराहे संचालित किया जा रहा था 7 स्थानो पर निर्माण कार्य शुरू होने से 14 चौराहों पर सिग्नल से चौराहे पर यातायात व्यवस्था संचालित किया जा रहा है। चौराहों पर लगाए गए कैमरों की मेमोरी बढ़ाई जाए जिससे अधिक दिनों तक रिकॉर्डिंग किए जाए रीकार्ड मेमोरी को रखा जा सके और समय आने पर प्राप्त सूचनाओं का निस्तारण किया जा सके वाहन चोरों की निगरानी लगाए गए कमरे से किया जाता है निरीक्षण से पहले चौरी चौरा से इमरजेंसी मरीज प्राइवेट वाहन से गोरखपुर अस्पताल में आ रहा था जिसे ट्रैफिक कंट्रोल रूम से ग्रीन कॉरिडोर की मदद कर 11 मिनट में अस्पताल पहुंचाया गया आईटीएमएस कर्मचारी ने बताया कि नगर निगम में रखे गए उच्च क्वालिटी के कैमरे अगर चौराहा पर लग जाए तो 300 मीटर की दूरी तक के वाहनों को जूम करके आसानी से देख कर पढ़ा जा सकता सर्विलांस कैमरे खासतौर पर पुलिस की मदद के लिए लगाया गया है जिसके तहत ये कैमरा बेहद नजदीक से इंसान के चेहरे को फोकस करता है जिस पर डीआईजी ने कहा कि यह बहुत उपयोगी है स्टोरेज व्यवस्था सिर्फ 24 घंटे है स्टोरेज व्यवस्था अधिक बड़ाने के लिए शासन से अनुमति मांगी जाए जिससे स्टोरेज को 1 महीने तक की मैमोरी कार्ड लगाना अति आवश्यक है, जिस हेतु शासन को पत्र भेजकर इसकी स्टोरेज व्यवस्था कराया जायेगा। पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक श्याम देव ने पुलिस उप महानिरीक्षक आनंद कुलकर्णी से बताया कि अभी तक शहर के 21 चौराहों पर पहले सिग्नल से चौराहे संचालित किए जाते थे सात चौराहों पर निर्माण कार्य होने से अब 14 चौराहों पर सिग्नल से चौराहे संचालित किये जा रहे हैं 7 चौराहों पर कैमरे से बराबर निगरानी की जा रही है शहर के 14 चौराहों पर लाउड स्पीकर और सिग्नल की सुविधा उपलब्ध है, जिसके तहत शहरवासियों को ट्रैफिक नियम का पालन करने हेतु जागरूक किया जा रहा है। दो स्थानों पैडलेगंज मोहद्दीपुर में ट्रैफिक वाहन स्पीड कंट्रोल सिस्टम लगाया गया है 60 से अधिक स्पीड पर चलने पर ऑटोमेटिक वाहन चालकों का चालान किया जाता है प्रतिदिन 400 से अधिक वाहन चालकों का यातायात नियम का अनुपालन न करने वालों का चालान किया जाता है जिस पर उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने पर लाउड स्पीकर और सिग्नल की व्यवस्था शहर के अन्य सभी प्रमुख चौराहों पर भी की जाय तथा लोगों को स्पीकर के माध्यम से जागरूक किया जाय। डीआईजी ने निर्देश दिया कि शहर में अडॉप्टिव ट्रैफिक कन्ट्रोल सिस्टम के साफ्टवेयर का भी उपयोग किया जाय। जिसके अन्तर्गत ट्रैफिक लाइट पर वाहनों की संख्या ज्यादा होने पर ग्रीन लाइट का वक्त खुद से बढ़ जायेगा। अगर इसके उपयोग के बाद साफ्टवेयर में कोई समस्या आती है तो उसे तत्काल ठीक किया कैमरे से अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण रखने में मदद मिलती है इसे और बढ़ाया जायेगा निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक श्याम देव टीआई सहित अन्य मौजूद रहे।

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