गीडा प्रशासन व तहसील प्रशासन के बीच उलझा उद्यमी
तहसील प्रशासन ने 12 नवंबर 2016 को उद्यमी के भूमि की थी धारा 80
जास इंटरनेशनल को भूमि पर उद्योग लगाने हेतु स्टांप फीस में 11 42500 का छूट भी दिया गया
उद्यमी द्वारा इसी भूमि पर पक्का निर्माण कर आरा मशीन लगाकर लकड़ी भंडारण किया गया था गिड़ा प्रशासन द्वारा 17 अगस्त और 2023 को अवैध निर्माण पर चला था गीडा प्रशासन का चला था बुलडोजर
गोरखपुर/सहजनवा
गीडा प्रशासन व तहसील प्रशासन के बीच उलझा उद्यमी तहसील प्रशासन ने जिस भूमि पर 12 नवंबर 2016 को औद्योगिक वाणिज्य आवासीय योजना हेतु धारा 80 किया गया था इस भूमि पर बने औद्योगिक इकाई को गीडा प्रशासन द्वारा अपनी भूमि बताकर 17 अगस्त को 2023 को धोस्तीकरण की कर अवैध निर्माण हटाया गया था। जिसको लेकर उद्यमी काफी समय अपनी फरियाद लेकर शासन प्रशासन का चक्कर लगा रहा है।
बताते चलें कि औद्योगिक विकास प्राधिकरण सेक्टर 13 से सट्टे कालसर गांव काश्तकारों से जास इंटरनेशनल द्वारा आराजी संख्या 248 रकबा 0.7 49 हेक्टेयर में से रकबा 0.348 हेक्टर भूमि क्रय किया जिसमें उद्योग लगाने हेतु स्टांप ड्यूटी में 1142 500 का छुट लाभ भी दिया गया इसके उपरांत जास इंटरनेशनल द्वारा सजहनवा तत्कालीन एसडीएम सहजनवा वह तहसीलदार द्वारा 12 नवंबर 2016 को धारा 80 की कार्रवाई की गई थी इसके उपरांत इसी भूमि पर आरा मशीन लकड़ी का भंडारण किया गया 17 अगस्त 2023 को औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा अपनी भूमिका कर उसे पर स्थापित औद्योगिक इकाई पर बुलडोजर चलाकर अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई अब उद्यमी जास इंटरनेशनल के प्रोपराइटर जमालुद्दीन अहमद न्याय के लिए शासन प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं।
इस संबंध में जास इंटरनेशनल के प्रोपराइटर जमालुद्दीन का कहना है कि कलेसर गांव के काश्तकारों से भूमि क्रय करने के उपरांत तहसील से मैं धारा 80 कर करके अपने औद्योगिक इकाई की स्थापना की थी यदि गिडा की भूमि थी तो निर्माण के दौरान ही इसको क्यों नहीं रुक गया।
इस सब संबंध में तत्कालीन तहसीलदार सहजनवा राकेश कनौजिया का कहना है। कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। तहसील द्वारा उसी भूमि की धारा 80 होता है जो भूमि तहसील रिकॉर्ड आवेदक के नाम होती है।
मुख्य कार्यपालिका अधिकारी गिडा अनुज मलिक ने इस संबंध में कहां की मामला संज्ञान में आया है जांच उपरांत कार्रवाई की जाएगी।















