गोरखपुर में एक कथावाचक के वाहन चालक को साधना के दौरान अंर्तमन से आवाज आई कि उसे भारत रत्न मिलना चाहिए और उसने कमिश्नर कार्यालय में मांग पत्र दे दिया। किसी भी अफसर ने चालक के अंर्तमन से उठी आवाज के बाद की गई मांग की गंभीरता और औचित्य पर विचार करने की जहमत नहीं उठाई। तीन महीने में यह मांग पत्र अफसरों के टेबल से होता हुआ रिपोर्ट के लिए लेखपाल तक पहुंच गया। इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मांग पत्र चर्चा का विषय बना हुआ है।















