सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग नहीं सुधरी तो होगी कार्रवाई : डीएम
विकास कार्यों और फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा में अधिकारियों को कड़ी चेतावनी
फैमिली आईडी, जननी सुरक्षा योजना और कुपोषित बच्चों के पोषण पर विशेष जोर
गोरखपुर। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर सितंबर माह की ग्रेडिंग और रैंकिंग में जनपद के अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन पर जिलाधिकारी दीपक मीणा ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए आगामी माह की रैंकिंग में सुधार लाने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों और शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्धारित समयसीमा में लक्ष्य पूरा नहीं करने और प्रगति में सुधार न होने पर कार्रवाई की जाएगी।
बृहस्पतिवार को विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित सितंबर माह की ग्रेडिंग एवं रैंकिंग के आधार पर विकास कार्यों, निर्माण परियोजनाओं और विभिन्न विभागों की फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं की नियमित निगरानी करते हुए कम प्रगति वाले बिंदुओं को प्राथमिकता से पूरा करें।
फैमिली आईडी निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
फैमिली आईडी निर्माण की समीक्षा के दौरान डीएम ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से अभियान चलाकर कार्य में तेजी लाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि अनावश्यक देरी न हो और अधिकारी नियमित रूप से प्रगति की निगरानी करें।
जननी सुरक्षा योजना का भुगतान समय से करें
जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पात्र लाभार्थियों को निर्धारित समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को धनराशि के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। संबंधित अधिकारी लंबित मामलों का समय से निस्तारण करें।
कुपोषित बच्चों के पोषण स्तर में सुधार पर जोर
पोषण अभियान की समीक्षा में डीएम ने कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर उनके स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि बच्चों की स्थिति की नियमित निगरानी की जाए और पोषण संबंधी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाए।
बैठक में सामूहिक विवाह योजना, माइक्रो इरिगेशन, पारिवारिक लाभ योजना और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना सहित अन्य फ्लैगशिप योजनाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने और कार्यों की प्रगति में सुधार लाने के निर्देश दिए।
जनशिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता जरूरी
आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त जनशिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने और निस्तारण के प्रति उनकी संतुष्टि की जानकारी प्राप्त करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।















