सदर तहसील में 193 फरियादियों ने लगाई न्याय की गुहार डीएम-एसएसपी ने सुनीं शिकायतें, 25 मामलों का मौके पर निस्तारण

सदर तहसील में 193 फरियादियों ने लगाई न्याय की गुहार

डीएम-एसएसपी ने सुनीं शिकायतें, 25 मामलों का मौके पर निस्तारण

गोरखपुर। सदर तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। कुल 193 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 25 का मौके पर निस्तारण कराया गया। शेष मामलों में संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

गलत जाति प्रमाणपत्रों की जांच कर निरस्त करने के निर्देश

कुछ अधिवक्ताओं ने जाति प्रमाणपत्र जारी करने में अनियमितता की शिकायत की। इस पर डीएम ने तहसीलदार सदर को मामलों की जांच कर गलत तरीके से जारी प्रमाणपत्रों को नियमानुसार निरस्त करने की कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र व्यक्तियों को ही जाति प्रमाणपत्र का लाभ मिलना चाहिए।

दूसरी पत्नी को घर से निकालने की शिकायत पर जांच के निर्देश

बिछिया निवासी रामावती ने शिकायत की कि वह अपने पति की दूसरी पत्नी हैं और पहली पत्नी ने उन्हें घर से निकाल दिया है। डीएम ने संबंधित थानाध्यक्ष को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। वहीं, स्नेहा सोनकर की ग्रामीण रिटेल आउटलेट डीलरशिप से जुड़ी शिकायत पर जिला पूर्ति अधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए।

जमीन, खतौनी और बिजली कनेक्शन से जुड़े मामले भी उठे

समाधान दिवस में जमीन के स्वामित्व, खतौनी में उत्तराधिकारियों के नाम दर्ज कराने और पुश्तैनी संपत्ति के विवाद से संबंधित प्रार्थना पत्र आए। हुमायूंपुर उत्तरी निवासी अबरार अहमद ने न्यायालय में लंबित संपत्ति विवाद के बीच विवादित मकान में बिजली कनेक्शन दिए जाने पर रोक लगाने की मांग की।

शाहमारुफ निवासी बाराकल्लाह ने लालडिग्गी पार्क विद्युत उपकेंद्र से वाणिज्यिक कनेक्शन मिलने में परेशानी और अवर अभियंता पर सुविधा शुल्क मांगने का आरोप लगाया। डीएम ने संबंधित मामलों में नियमानुसार जांच और कार्रवाई पर जोर दिया।

तहसील परिसर में पार्किंग की समस्या भी उठी

अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में बाहरी वाहनों के आवागमन से पार्किंग में होने वाली परेशानी बताई और गार्ड की ड्यूटी लगाने की मांग की। डीएम ने बताया कि परिसर में निर्माण कार्य चल रहा है। इसके पूरा होने के बाद समस्या के समाधान के लिए आवश्यक व्यवस्था की जाएगी।

आईजीआरएस शिकायतों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि वास्तविक स्थिति की जांच के आधार पर किया जाए। राजस्व मामलों में अभिलेखों की जांच और जरूरत पड़ने पर स्थलीय निरीक्षण कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

इस दौरान एसपी सिटी निमिष पाटील, सहायक पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार एस., सीएमओ डॉ. राजेश झा, एसडीएम सदर ज्ञान प्रताप सिंह, तहसीलदार सत्य प्रकाश गुप्ता, एसओसी प्रशासन धर्मेंद्र मिश्रा, अपर नगर आयुक्त तपन मिश्रा, नायब तहसीलदार अन्नू सिंह और नेहा राय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

Previous articleमूर्ति विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा और साफ-सफाई के पुख्ता इंतजाम करें : मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह और डीआईजी एस. चनप्पा ने एकला बांध का किया निरीक्षण प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त रखने और शांतिपूर्ण विसर्जन के निर्देश
Next articleट्रक की टक्कर से सिपाही अर्जुन राम की मौत, पुलिस लाइन में दी गई श्रद्धांजलि सीओ कार्यालय से सरकारी कागजात लेकर जा रहे थे झंगहा थाना, देवीपुर के पास हादसा पत्नी और दो बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़, पुलिस महकमे में शोक

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here