स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति 85 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य
सितंबर में 74 प्रतिशत रही उपस्थिति, डीएम ने कैचअप शिक्षण, अपार आईडी और लंबित प्रक्रिया पूरी करने के दिए निर्देश
गोरखपुर। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति 74 से बढ़ाकर 85 प्रतिशत करने का लक्ष्य तय किया गया है। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने विकास भवन सभागार में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में लंबित कार्य समय से पूरा करने और विद्यालयों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने डीसी पंकज कुमार को अगली बैठक तक कार्यों में अपेक्षित प्रगति लाने की हिदायत दी।
डीएम ने निर्देश दिया कि विद्यालयों में पहली पाली में ही उपस्थिति दर्ज की जाए और नियमित निगरानी से बच्चों की स्कूल में मौजूदगी सुनिश्चित की जाए। पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों के लिए कैचअप शिक्षण कार्यक्रम प्रभावी ढंग से चलाने पर जोर दिया। इसके तहत जुलाई में 15 दिवसीय पुनरावृत्ति अभियान और अगस्त 2026 से जनवरी 2027 तक प्रतिदिन 30 मिनट कैचअप शिक्षण कराने के निर्देश दिए गए।
विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाने के लिए विद्यालयों में शिविर लगाने और विकासखंड स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित करने को कहा गया। अकादमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) के स्वीकृत 105 पदों में 30 रिक्त होने की जानकारी पर बताया गया कि 29 पदों पर चयन हो चुका है। डीएम ने शेष पद की प्रक्रिया भी जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।
कक्षा पांच से छह और कक्षा आठ से नौ में विद्यार्थियों के प्रवेश की लंबित प्रक्रिया के साथ डीबीटी से जुड़े कार्य समयसीमा में पूरे करने को कहा गया। इसके लिए स्कूलवार चेकलिस्ट बनाने के निर्देश दिए, ताकि किसी विद्यार्थी का विवरण लंबित न रहे।
स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण में जिला और ब्लॉक स्तर पर रैलियां निकालने तथा इसे पोलियो अभियान से जोड़कर अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया गया। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में उपलब्ध ओपन जिम, वाद्य यंत्र और रोटी बनाने की मशीन सहित अन्य संसाधनों का उपयोग सुनिश्चित करने तथा हर महीने निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए।
डीएम ने ब्लॉक टास्क फोर्स की बैठक नियमित रूप से आयोजित करने और अधिकारियों को शत-प्रतिशत विद्यालय निरीक्षण का निर्देश दिया। उन्होंने डीसी पंकज कुमार से अगली बैठक तक जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए ठोस प्रगति दिखाने को कहा। स्पष्ट किया कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी, बीएसए धीरेंद्र त्रिपाठी, डीसी विवेक जायसवाल समेत शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।















