डरें नहीं, भरोसेमंद व्यक्ति से साझा करें गलत व्यवहार : जिला जज छात्र-छात्राओं को पॉक्सो एक्ट और कानूनी अधिकारों की दी जानकारी, दो अक्टूबर तक विद्यालयों में चलेंगे जागरूकता शिविर

डरें नहीं, भरोसेमंद व्यक्ति से साझा करें गलत व्यवहार : जिला जज

छात्र-छात्राओं को पॉक्सो एक्ट और कानूनी अधिकारों की दी जानकारी, दो अक्टूबर तक विद्यालयों में चलेंगे जागरूकता शिविर

संतकबीरनगर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से गांधी जयंती के उपलक्ष्य में विद्यालयों में विधिक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में हीरालाल रामनिवास इंटर कॉलेज में आयोजित शिविर में जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष रणधीर सिंह ने छात्र-छात्राओं को उनके अधिकारों और पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों से कहा कि किसी का व्यवहार या स्पर्श उन्हें असहज महसूस कराता है तो डरें या घबराएं नहीं, बल्कि इसकी जानकारी तत्काल किसी भरोसेमंद व्यक्ति को दें।

जिला जज ने कहा कि बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। किसी भी प्रकार के शारीरिक दुर्व्यवहार को छिपाने के बजाय उसके बारे में अभिभावक, शिक्षक अथवा अन्य भरोसेमंद व्यक्ति को बताएं, ताकि कानून के अनुसार कार्रवाई हो सके।

उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेलकूद, संगीत और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में रुचि लेने के लिए प्रेरित किया। कहा कि इससे बच्चों का बहुमुखी विकास होता है।

सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का संदेश

महात्मा गांधी के विचारों पर चर्चा करते हुए जिला जज ने विद्यार्थियों को सत्य और अहिंसा के रास्ते पर आगे बढ़ने तथा द्वेष और छल से दूर रहकर सशक्त राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनन्या साह ने भी बच्चों की जिज्ञासाओं और कानूनी सवालों के जवाब दिए।

‘अन्याय न सहें, न करें’

आदर्श इंटर कॉलेज सिहटीकर में सिविल जज सीनियर डिवीजन संजय राज पाण्डेय और सिविल जज जूनियर डिवीजन एफटीसी द्वितीय निधि मिश्रा ने जागरूकता शिविर आयोजित कर विद्यार्थियों को पॉक्सो कानून के प्रावधानों और इसके तहत आने वाले अपराधों के बारे में जानकारी दी। बच्चों को बताया गया कि ऐसे अपराधों में दोषी पाए जाने पर कानून में कठोर सजा का प्रावधान है।

25 सितंबर से दो अक्टूबर तक चलने वाले अभियान के तहत जिले के विभिन्न विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों, विधिक सहायता से जुड़े अधिवक्ताओं और पराविधिक स्वयंसेवकों की ओर से जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। बच्चों को ‘अन्याय न सहें, न करें’ का संदेश देते हुए बताया गया कि आवश्यकता पड़ने पर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस हेल्पलाइन 112 और नालसा हेल्पलाइन 15100 के साथ बाल कल्याण समिति एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से सहायता ली जा सकती है।

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