आक्रांताओं ने भारत की ज्ञान परंपरा नष्ट करने का प्रयास किया : योगी जी
मुख्यमंत्री बोले-प्राचीन ज्ञान परंपरा को प्रमाणों के साथ दुनिया के सामने रखने की जरूरत
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने भारत का वैभव लूटने के साथ यहां की ज्ञान परंपरा को भी नष्ट करने का प्रयास किया। ब्रिटिश काल में भारतीयों को अपनी भाषा, चिकित्सा पद्धति और परंपराओं से दूर करने की कोशिश हुई। अब आवश्यकता है कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को तथ्यों और प्रमाणों के साथ दुनिया के सामने रखा जाए।
नई पीढ़ी को विरासत से जोड़ना जरूरी
गोरखनाथ मंदिर में महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित ‘भारतीय ज्ञान परंपरा का वर्तमान परिप्रेक्ष्य’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी को देश की समृद्ध बौद्धिक और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना होगा।
पाणिनि से चाणक्य तक की परंपरा का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने पाणिनि, पतंजलि, आयुर्वेद और चाणक्य का उल्लेख करते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा की व्यापकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्राचीन भारतीय ज्ञान और उपलब्धियों को प्रमाणों के साथ प्रस्तुत करने की जरूरत है, जिससे नई पीढ़ी इनके महत्व को समझ सके।
संतों और विद्वानों ने भी रखे विचार
सम्मेलन में भारतीय ज्ञान परंपरा के ऐतिहासिक महत्व और वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता पर चर्चा हुई। संतों और विद्वानों ने भी विषय पर अपने विचार रखे।















