राजस्व लिपिक से मारपीट के आरोप पर भड़का कर्मचारी संघ
एडीएम प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, दो दिन में कार्रवाई नहीं होने पर कार्य बहिष्कार की चेतावनी
गोरखपुर। बांसगांव तहसील में राजस्व लिपिक के साथ कथित मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना से नाराज उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ ने जिलाधिकारी की ओर से एडीएम प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर आरोपी अधिवक्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही कलेक्ट्रेट और तहसील परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई है।
फाइल दोबारा जांच के लिए भेजने को लेकर विवाद
संघ के अनुसार, राजस्व लिपिक शिवनाथ मौर्य के पास 21 सितंबर को धारा 116 से संबंधित पत्रावली आई थी। तहसीलदार के निर्देश पर पत्रावली को दोबारा जांच के लिए भेजा गया था। इसी को लेकर अधिवक्ता राणा सिंह से विवाद हुआ। कर्मचारी ने आरोप लगाया कि अधिवक्ता ने गाली-गलौज करते हुए उसके साथ मारपीट की, जिससे वह घायल हो गया।
अधिवक्ता पर कार्रवाई की मांग
संघ ने आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही बार काउंसिल को पत्र भेजकर अधिवक्ता के लाइसेंस के संबंध में कार्रवाई की मांग की गई है। संघ ने पूर्व में भी कर्मचारियों और अधिकारियों से कथित मारपीट की घटनाओं का उल्लेख किया।
दो दिन में कार्रवाई नहीं तो कार्य बहिष्कार
कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी कि यदि दो दिन के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया जाएगा। संघ ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
ज्ञापन में कलेक्ट्रेट और तहसील के कार्यालयों एवं न्यायालयों में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की मांग की गई। संघ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन के दौरान मंत्री विश्वेश शुक्ला, कोषाध्यक्ष पंकज श्रीवास्तव समेत अन्य पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।















