गेम’ की आड़ में सट्टेबाजी का बड़ा नेटवर्क, पांच गिरफ्तार म्यूल खातों से रोजाना लाखों का लेनदेन, 23 मोबाइल समेत लैपटॉप-टैबलेट और 16 बैंक पासबुक बरामद

‘गेम’ की आड़ में सट्टेबाजी का बड़ा नेटवर्क, पांच गिरफ्तार

म्यूल खातों से रोजाना लाखों का लेनदेन, 23 मोबाइल समेत लैपटॉप-टैबलेट और 16 बैंक पासबुक बरामद

गोरखपुर। ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में कथित सट्टेबाजी का नेटवर्क संचालित कर दूसरे लोगों के बैंक खातों के जरिए रोजाना लाखों रुपये का लेनदेन करने वाले गिरोह का शाहपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से तीन लैपटॉप, 23 मोबाइल फोन, एक मिनी लैपटॉप, तीन टैबलेट, 11 एटीएम कार्ड और 16 बैंक पासबुक समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।

पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आरोपियों द्वारा ऑनलाइन गेमिंग पोर्टल के माध्यम से सट्टेबाजी संचालित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके लिए दूसरे लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनका इस्तेमाल कथित तौर पर म्यूल खातों के रूप में किया जाता था। इन खातों के माध्यम से सट्टेबाजी से जुड़ी रकम का लेनदेन किया जाता था। पुलिस अब इन खातों में हुए लेनदेन की विस्तृत जांच कर रही है।

दूसरों के नाम पर खाते खुलवाकर लेते थे एटीएम और पासबुक

पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य लोगों को अलग-अलग प्रलोभन देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद एटीएम कार्ड, पासबुक और बैंकिंग से संबंधित दस्तावेज अपने पास रख लेते थे। इन खातों में सट्टेबाजी से संबंधित रकम मंगाने और भेजने का काम किया जाता था। प्रारंभिक जांच में प्रतिदिन लाखों रुपये के लेनदेन की बात सामने आई है।

पुलिस ने बरामद 11 एटीएम कार्ड और 16 बैंक पासबुक को जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य माना है। खातों की जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गिरोह ने अब तक कितनी रकम का लेनदेन किया और यह धन किन-किन खातों में भेजा गया।

‘रेडी अन्ना’ पोर्टल का पैनल खरीदने का दावा

पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को कथित तौर पर बताया कि उन्होंने ‘रेडी अन्ना’ नामक ऑनलाइन पोर्टल का पैनल खरीदा था। इसके बाद उसकी ब्रांच के रूप में कार्यालय संचालित कर ऑनलाइन सट्टेबाजी का काम किया जा रहा था। पुलिस बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में मौजूद डिजिटल डाटा की जांच कर रही है। इससे पोर्टल, बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन के बीच संबंधों की पड़ताल की जा रही है।

पढ़ाई के साथ सट्टेबाजी के नेटवर्क में जुड़े थे छात्र

गिरफ्तार आरोपियों में कथित मुख्य सरगना नीतीश सिंह एलएलबी फाइनल ईयर का छात्र बताया गया है। उसके साथ गिरफ्तार अभय कुमार सिंह, वाजिद चौधरी, साहिल चौधरी और मुन्ना कुमार के भी स्नातक स्तर के छात्र होने की जानकारी पुलिस ने दी है। युवाओं के इस नेटवर्क में शामिल होने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह में और कितने लोग जुड़े हैं और उनका नेटवर्क किस स्तर तक फैला है।

डिजिटल सुरागों से गिरोह तक पहुंची पुलिस

पुलिस के अनुसार गिरोह की गतिविधियों का पता लगाने में साइबर कमांडो उपेंद्र कुमार सिंह की तकनीकी निगरानी महत्वपूर्ण रही। ऑनलाइन गतिविधियों और डिजिटल लेनदेन से मिले सुरागों को जोड़ने के बाद पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंची। इसके बाद थाना अध्यक्ष अंजय कुमार सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस अब तीन फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। साथ ही बरामद मोबाइल फोन, लैपटॉप और टैबलेट से मिले डिजिटल डाटा की फोरेंसिक एवं तकनीकी जांच कराई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि सट्टेबाजी का यह नेटवर्क केवल गोरखपुर तक सीमित था या इसके तार दूसरे जिलों और राज्यों से भी जुड़े हैं।

एसपी सिटी ने बताया कि बैंक खातों की जांच और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद गिरोह के आर्थिक नेटवर्क, लेनदेन की वास्तविक रकम और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।

कार्रवाई करने वाली टीम में साइबर कमांडो उपेंद्र कुमार सिंह, थाना अध्यक्ष अंजय कुमार सिंह, उपनिरीक्षक सुभाष चंद्र पांडेय, सत्यम सिंह, चंद्रभान सिंह, सुदीप सिंह समेत शाहपुर पुलिस के अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पत्रकार वार्ता में सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह भी मौजूद रहे।

Previous articleविरासत गलियारे के अधूरे काम पर मंडलायुक्त सख्त, जल्द पूरा करने के निर्देश नाले के बाहर बिखरे फाइबर तार और अधूरे भवन देख भड़के इंद्र विक्रम सिंह, फिनिशिंग-सफाई पर भी दिया जोर
Next articleटेराकोटा को नई उड़ान देने की तैयारी, कारीगरों को बाजार से जोड़ने पर जोर ओडीओपी की बैठक में डीएम ने योजनाओं का लाभ दिलाने के दिए निर्देश, ब्रांडिंग, डिजाइन और ऑनलाइन मार्केटिंग बढ़ाने पर जोर

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here