नशे के सौदागरों पर कसेगा शिकंजा, मेडिकल स्टोर से ढाबों तक सघन निगरानी
कोडीनयुक्त कफ सिरप और ट्रामाडोल जैसी दवाओं के दुरुपयोग पर सख्ती, तस्करी नेटवर्क की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी
गोरखपुर। जिले में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध बिक्री और नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने अब कार्रवाई के साथ निगरानी और जागरूकता का बहुस्तरीय अभियान चलाने का निर्णय लिया है। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी नगर गजेंद्र कुमार की अध्यक्षता में नारकोटिक्स एवं ड्रग्स के दुरुपयोग को लेकर हुई बैठक में पुलिस, आबकारी, स्वास्थ्य, शिक्षा समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार की।
बैठक में एसपी सिटी निमिष पाटील, एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध बिक्री, नशीली दवाओं के दुरुपयोग और युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए आपसी समन्वय से कार्रवाई तेज करने पर जोर दिया।
मेडिकल स्टोरों पर होगी आकस्मिक जांच
प्रशासन ने नशीली दवाओं की आपूर्ति और वितरण के नेटवर्क पर प्रभावी नजर रखने के लिए सूचना तंत्र मजबूत करने के निर्देश दिए। मेडिकल स्टोरों का आकस्मिक निरीक्षण कर दवाओं के भंडारण, बिक्री और आपूर्ति की जांच की जाएगी। विशेष रूप से कोडीनयुक्त कफ सिरप, ट्रामाडोल जैसी दवाओं और अन्य ऐसी औषधियों की बिक्री पर निगरानी रखी जाएगी, जिनके दुरुपयोग की शिकायतें सामने आती हैं।
नियमों का उल्लंघन कर ऐसी दवाओं की बिक्री या आपूर्ति पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नेपाल और बिहार जाने वाले रास्तों पर बढ़ेगी निगरानी
मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए नेपाल और बिहार की ओर जाने वाले मार्गों पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी। गोरखपुर से कैंपियरगंज, नौतनवा और सोनौली के रास्ते नेपाल तथा देवरिया होकर बिहार जाने वाले मार्गों पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
पुलिस, आबकारी, सीमा सुरक्षा बल और अन्य संबंधित प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाकर तस्करी के नेटवर्क तक पहुंचने की रणनीति बनाई गई है।
ढाबों, होटलों और पान की दुकानों की भी होगी जांच
राजमार्गों के किनारे स्थित ढाबों, होटलों, पान-चाय की दुकानों और गुमटियों की नियमित जांच कराने पर भी जोर दिया गया। ऐसे स्थानों पर संयुक्त टीमों के माध्यम से निगरानी की जाएगी, जहां मादक पदार्थों की बिक्री या सेवन की आशंका हो।
गांजा समेत अन्य मादक पदार्थों की बिक्री की सूचना मिलने पर पुलिस सूचना तंत्र के माध्यम से सत्यापन कर नियमानुसार कार्रवाई करेगी।
तस्करों की संपत्ति होगी चिह्नित
बैठक में निर्देश दिया गया कि मादक पदार्थों की तस्करी में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे आपूर्ति नेटवर्क—स्रोत, परिवहन और बिक्री से जुड़े लोगों तक पहुंच बनाई जाए। संगठित तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और अवैध रूप से अर्जित संपत्ति की धारा 14(1) के तहत कुर्की की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
रेल मार्ग से होने वाली तस्करी पर भी विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए। जीआरपी को रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में नियमित चेकिंग तथा संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने को कहा गया।
स्कूल-कॉलेजों में चलेगा साप्ताहिक अभियान
नशामुक्ति अभियान को केवल प्रवर्तन तक सीमित न रखते हुए स्कूल और कॉलेजों तक ले जाने का निर्णय लिया गया। विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के साथ राष्ट्रीय एवं महत्वपूर्ण अवसरों पर नशामुक्ति की शपथ दिलाई जाएगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को स्कूलों-कॉलेजों में साप्ताहिक जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी कॉलेजों में नशामुक्ति सेल गठित करने की भी योजना है।
एनसीसी, एनएसएस और सामाजिक संगठनों को जोड़ा जाएगा
जागरूकता अभियान में एनसीसी, एनएसएस, सिविल डिफेंस, स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों, स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। विशेषज्ञों के वक्तव्य, ऑडियो-वीडियो सामग्री और सोशल मीडिया अभियान के माध्यम से युवाओं को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों की जानकारी दी जाएगी।
तहसील दिवस और थाना दिवस के साथ स्कूल-कॉलेजों के कार्यक्रमों में भी नशामुक्ति का संदेश देने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम के आईटीएमएस सेंटर के माध्यम से ध्वनि प्रसारण तथा राजमार्गों, ढाबों और होटलों पर जागरूकता संबंधी साइन बोर्ड और स्लोगन लगाए जाएंगे।
प्रशासन ने सभी थानाध्यक्षों को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय पुलिस, आबकारी विभाग और अभिसूचना इकाई को अपने-अपने सूचना तंत्र सक्रिय रखने को कहा गया है।
बैठक से स्पष्ट किया गया कि प्रशासन की रणनीति नशे के कारोबार पर कार्रवाई और युवाओं को नशे से बचाने के लिए जागरूकता दोनों मोर्चों पर एक साथ आगे बढ़ने की है।















