निराश्रित गोवंशों के संरक्षण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : डीएम
गोशालाओं की व्यवस्थाओं की समीक्षा, बरसात में चारा, उपचार और जलनिकासी के पुख्ता इंतजाम के निर्देश
रायबरेली।
जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय निराश्रित गोवंश संरक्षण समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले के स्थायी एवं अस्थायी गोवंश आश्रय स्थलों, वृहद गोसंरक्षण केंद्रों, कान्हा उपवनों तथा गोवंश संरक्षण से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी गोवंश आश्रय स्थलों पर निराश्रित गोवंशों के लिए पर्याप्त हरा चारा, स्वच्छ पेयजल, छायादार शेड, नियमित पशु चिकित्सा सुविधा तथा साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
बरसात के मौसम को देखते हुए उन्होंने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। कहा कि सभी गौशालाओं में जलभराव रोकने, समुचित जल निकासी, सूखा एवं स्वच्छ बिछावन, नियमित कीटाणुनाशक छिड़काव तथा संक्रामक रोगों से बचाव के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बारिश के दौरान गोवंशों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी आश्रय स्थलों का नियमित निरीक्षण करने, उपलब्ध सुविधाओं का सत्यापन करने तथा कमियां मिलने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने गोवंशों के स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण और समयबद्ध उपचार पर विशेष जोर देते हुए कहा कि बीमार अथवा घायल गोवंशों का तत्काल इलाज कराया जाए।
बैठक में वृहद गोसंरक्षण केंद्रों एवं कान्हा उपवनों की क्षमता, गोवंशों की संख्या, रखरखाव तथा सहभागिता आधारित योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप द्विवेदी, परियोजना निदेशक डीआरडीए मुनेश चंद्र, जिला विकास अधिकारी वर्षा सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।















