जलभराव पर प्रशासन सख्त, मंडलायुक्त-डीएम ने किया शहर का निरीक्षण
पंपसेट से तत्काल जलनिकासी और गड्ढामुक्त सड़कें सुनिश्चित करने के निर्देश
गोरखपुर। लगातार हो रही बारिश के बाद शहर में उत्पन्न जलभराव की समस्या को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने जिलाधिकारी दीपक मीणा के साथ रविवार को शहर के विभिन्न जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया और अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान धर्मशाला अंडरपास, असुरन चौक स्थित राप्ती कॉम्प्लेक्स, बशारतपुर, विजय चौराहा, सिविल लाइन (स्कूल रोड), विरासत गलियारा रोड तथा घोष कंपनी चौराहा से मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय तक जलनिकासी व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। इस दौरान नगर आयुक्त, गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में जलभराव की समस्या बनी हुई है, वहां संबंधित विभाग आपसी समन्वय से तत्काल पंपसेट लगाकर पानी की निकासी कराएं। जल निकासी के बाद सड़कों पर जमा गाद और कचरे की तुरंत सफाई कर आमजन के आवागमन को सुचारु बनाया जाए।
निरीक्षण के दौरान एच.एन. सिंह चौराहे से गोरखनाथ थाना तक निर्माणाधीन सड़क पर जलभराव और गड्ढों की स्थिति पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (निर्माण खंड-3) को तत्काल सड़क की मरम्मत कर गड्ढामुक्त बनाने तथा प्रभावी जल निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने कहा कि जिन स्थानों पर हर वर्ष बारिश के दौरान जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है, वहां स्थायी समाधान के लिए कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र अमल में लाई जाए। उन्होंने आगामी मानसून को देखते हुए संवेदनशील और निचले इलाकों में पहले से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि जलनिकासी कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि शहरवासियों को जलभराव से राहत दिलाने के लिए लगातार निगरानी और त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी।















