मातृशक्ति के सशक्त संगठन के लिए मातृ भारती का गठन, नई कार्यकारिणी का हुआ चयन
संतकबीरनगर। कुड़ी लाल रुंगटा सरस्वती विद्या मंदिर इंटरमीडिएट कॉलेज, बिधियानी, खलीलाबाद में शुक्रवार को विद्या भारती की योजना के अंतर्गत मातृ भारती गठन कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ।
विद्यालय की मातृ भारती प्रमुख श्रीमती अल्का राय ने कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए कहा कि मातृशक्ति परिवार, विद्यालय और समाज की संस्कारवाहक शक्ति है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रभाव के निर्माण में माताओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मातृ भारती इसी उद्देश्य की पूर्ति का सशक्त मंच है।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ आचार्या श्रीमती सुदक्षिणा सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में माता को प्रथम गुरु का स्थान प्राप्त है। यदि मातृशक्ति संस्कारयुक्त शिक्षा और राष्ट्रनिष्ठ मूल्यों के साथ आगे बढ़े तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन निश्चित है।
गठन प्रक्रिया के दौरान सर्वसम्मति से श्रीमती दक्ष कुमारी को मातृ भारती का अध्यक्ष, श्रीमती रूबी को उपाध्यक्ष, श्रीमती सुभावती को मंत्री तथा श्रीमती श्वेता राय को उपमंत्री मनोनीत किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. सोनी सिंह ने कहा कि मातृशक्ति समाज निर्माण की सबसे प्रभावशाली शक्ति है। उन्होंने नवगठित मातृ भारती से विद्यालय की गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाने तथा विद्यार्थियों में भारतीय जीवन मूल्यों, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के संस्कार विकसित करने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि श्रीमती वंदना गुप्ता ने कहा कि संस्कारित परिवार ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होता है। मातृ भारती के माध्यम से विद्यालय और परिवार के बीच समन्वय और अधिक मजबूत होगा, जिससे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास को नई दिशा मिलेगी।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रथम सहायक अरुणेंद्र नाथ तिवारी ने सभी अतिथियों, मातृशक्तियों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि नवगठित मातृ भारती विद्यालय की शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं संस्कारपरक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस अवसर पर श्रीमती प्रीति मिश्रा, श्रीमती साधना मिश्रा, श्रीमती नीलम, श्रीमती साधना गुप्ता सहित विद्यालय की समस्त आचार्याएँ एवं बड़ी संख्या में मातृशक्तियाँ उपस्थित रहीं।















