विदेशी साइबर फ्रॉड मामले में गोरखपुर में ATS की बड़ी कार्रवाई, पेंट कारोबारी के घर पांच घंटे तक चली जांच इलाहीबाग में सुबह पांच बजे मारा छापा, मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खंगाले, स्थानीय पुलिस रही तैनात

विदेशी साइबर फ्रॉड मामले में गोरखपुर में ATS की बड़ी कार्रवाई, पेंट कारोबारी के घर पांच घंटे तक चली जांच

इलाहीबाग में सुबह पांच बजे मारा छापा, मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खंगाले, स्थानीय पुलिस रही तैनात

गोरखपुर। विदेशी साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े एक मामले की जांच के सिलसिले में बुधवार तड़के उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS) ने गोरखपुर के तिवारीपुर थाना क्षेत्र स्थित इलाहीबाग के माई धिया गढ़ही मोहल्ले में एक पेंट कारोबारी के घर पर बड़ी कार्रवाई की। सुबह करीब पांच बजे पांच से छह वाहनों के काफिले के साथ पहुंची एटीएस टीम ने मकान को चारों ओर से घेर लिया। कार्रवाई के दौरान स्थानीय पुलिस भी मौके पर मुस्तैद रही। करीब पांच घंटे तक चली इस जांच से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई विशाखापट्टनम में दर्ज विदेशी साइबर फ्रॉड मामले की जांच के तहत की गई। जांच एजेंसियों को अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क से संभावित कनेक्शन की जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर एटीएस ने पेंट कारोबारी जमाल अहमद के आवास पर छापेमारी की।

जांच के दौरान एटीएस ने जमाल अहमद और उनके परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में लेकर उनकी जांच की। इसके अलावा लैपटॉप, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की भी गहन पड़ताल की गई। कार्रवाई के दौरान सुबह लगभग 10 बजे एक मजिस्ट्रेट भी मौके पर पहुंचे और पूरी प्रक्रिया की निगरानी की।

तिवारीपुर थाना पुलिस पूरे समय सुरक्षा व्यवस्था संभाले रही। मकान के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया तथा आसपास के क्षेत्र में आवाजाही पर नजर रखी गई। छापेमारी की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए।

एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि मामले की जांच दूसरी एजेंसी द्वारा की जा रही है। स्थानीय पुलिस केवल आवश्यक सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जांच पूरी होने और एटीएस की आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल एटीएस द्वारा जुटाए गए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और दस्तावेजों का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच एजेंसियां विदेशी साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े संभावित कनेक्शन की हर पहलू से पड़ताल कर रही हैं।

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