मोहर्रम को लेकर प्रशासन अलर्ट, नई परंपरा पर रोक; शस्त्र प्रदर्शन रहेगा प्रतिबंधित
गोरखपुर। आगामी 26 जून को आयोजित होने वाले मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस सभागार में जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कोस्तुभ की अध्यक्षता में पीस कमेटी एवं सद्भावना समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहर क्षेत्र के सभी थाना प्रभारी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के थाना प्रभारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि मोहर्रम का पर्व परंपरागत तरीके से ही मनाया जाएगा। किसी भी प्रकार की नई परंपरा शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी तथा सभी ताजिया जुलूस पूर्व निर्धारित मार्गों से ही निकाले जाएंगे। उन्होंने आयोजक समितियों से प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने और किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल सूचना देने की अपील की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कोस्तुभ ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार के शस्त्र, धारदार हथियार अथवा खतरनाक उपकरणों का प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों और डीजे के उपयोग को निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन ने संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की योजना बनाई है। ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी निगरानी और मोबाइल पुलिस टीमों के माध्यम से जुलूस मार्गों पर लगातार नजर रखी जाएगी। नगर निगम को साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि बिजली विभाग को जुलूस मार्गों पर विद्युत लाइनों की जांच एवं मरम्मत करने को कहा गया है।
बैठक में अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखने और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की बात कही। प्रशासन ने सभी धर्मगुरुओं, आयोजकों और नागरिकों से गोरखपुर की गंगा-जमुनी तहजीब को कायम रखते हुए शांति एवं भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की।















