रामग्राम परियोजना में देरी पर डीएम का सख्त रुख, ठेकेदार को नोटिस जारी करने के निर्देश गुरु गोरखनाथ मंदिर व सोनाड़ी देवी परिसर का भी किया निरीक्षण, पर्यटक सुविधाएं बढ़ाने पर जोर

रामग्राम परियोजना में देरी पर डीएम का सख्त रुख, ठेकेदार को नोटिस जारी करने के निर्देश

गुरु गोरखनाथ मंदिर व सोनाड़ी देवी परिसर का भी किया निरीक्षण, पर्यटक सुविधाएं बढ़ाने पर जोर

महराजगंज। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने मंगलवार को चौक स्थित गुरु गोरखनाथ मंदिर, सोनाड़ी देवी मंदिर तथा महत्वाकांक्षी रामग्राम परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों में देरी पर नाराजगी जताते हुए संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए और परियोजना को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने पर जोर दिया।

निरीक्षण की शुरुआत गुरु गोरखनाथ मंदिर परिसर से हुई, जहां जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने पर्यटन विभाग को मंदिर परिसर में यात्री सुविधाओं के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए, ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

इसके बाद उन्होंने सोनाड़ी देवी मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पाथवे निर्माण तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं का विकास पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

रामग्राम परियोजना के निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा परियोजना की अगली किश्त जारी कराने के लिए पर्यटन विभाग को आवश्यक पत्राचार करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माणाधीन सरोवर की गहराई बढ़ाने के लिए अतिरिक्त खुदाई कराने का निर्देश भी दिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि रामग्राम परियोजना जनपद की पर्यटन संभावनाओं को नई पहचान देने वाली महत्वपूर्ण योजना है। इसके पूर्ण होने से न केवल पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता से कोई समझौता किए बिना कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए।

बताया गया कि 7.14 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही इस परियोजना का निर्माण यूपीपीसीएल द्वारा कराया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत कैफेटेरिया, डॉरमेट्री, मेडिटेशन हॉल, टॉयलेट ब्लॉक, सरोवर सौंदर्यीकरण सहित कई महत्वपूर्ण विकास कार्य शामिल हैं।

निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, पर्यटन अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी, जूनियर इंजीनियर सुनील मौर्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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