गीडा को मिलेगी नई औद्योगिक पहचान, 3 जून को फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स का लोकार्पण करेंगे सीएम योगी
80 एमएसएमई इकाइयों को मिलेगा स्थान, करीब 1000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी 3 जून को गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) में प्रदेश के दूसरे फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस परियोजना से पूर्वांचल में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को नई गति मिलने के साथ रोजगार के व्यापक अवसर भी सृजित होंगे।
गीडा के सेक्टर-13 में लगभग 42.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स प्रदेश का दूसरा और पूर्वी उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा आधुनिक औद्योगिक परिसर है। प्लग एंड प्ले मॉडल पर विकसित इस कॉम्प्लेक्स में उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने के लिए सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाएं पहले से उपलब्ध रहेंगी, जिससे आवंटन के बाद वे तत्काल उत्पादन कार्य शुरू कर सकेंगे।
कॉम्प्लेक्स के इंडस्ट्रियल ब्लॉक में 80 एमएसएमई इकाइयों के लिए स्थान उपलब्ध कराया गया है। वहीं अलग यूटिलिटी ब्लॉक में बैंक, गोदाम, शोरूम और अन्य व्यावसायिक सुविधाओं के लिए भी इकाइयां विकसित की गई हैं। इस परियोजना से प्रत्यक्ष रूप से लगभग एक हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से भी बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि इस कॉम्प्लेक्स के माध्यम से रेडीमेड गारमेंट, आईटी, फार्मा तथा अन्य प्रदूषण रहित उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा। इससे क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
श्रमिकों के लिए आवासीय परिसर का भी उद्घाटन
मुख्यमंत्री इस अवसर पर गीडा सेक्टर-11 में निर्मित आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) एवं निम्न आय वर्ग (एलआईजी) के 96 आवासीय फ्लैटों का भी उद्घाटन करेंगे। लगभग 18.54 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस आवासीय योजना का लाभ गीडा में कार्यरत श्रमिकों को मिलेगा। फ्लैटों का आवंटन ई-लॉटरी के माध्यम से किया गया है।
208 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गीडा क्षेत्र में सड़क, नाली, पुलिया, बिजली, जलापूर्ति, सीवरेज और वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़ी 71 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी करेंगे। इन परियोजनाओं पर लगभग 207.96 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
इस कार्यक्रम को पूर्वांचल के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे गोरखपुर और आसपास के जिलों में निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई मजबूती मिलेगी।















