पुलिस मुठभेड़ में गौ-तस्कर गिरोह का सरगना गिरफ्तार, कुल 8 आरोपी दबोचे गए
परसरामपुर पुलिस व एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में चार गोवंश, तमंचा और बाइक बरामद
बस्ती। थाना परसरामपुर पुलिस और एसओजी टीम बस्ती की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने गौ-तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान चार गोवंश, अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस, खोखा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई।
पुलिस के अनुसार 16 मई 2026 को थाना परसरामपुर पुलिस और एसओजी टीम क्षेत्र में शांति व्यवस्था व संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर पचौरी बाग इलाके में दबिश देकर सात पशु तस्करों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजेश यादव, शहबान उर्फ छोटू, आयुष प्रताप सिंह, शहजाद हुसैन, रामअवतार यादव, मुरली सोनकर और असलम के रूप में हुई। इनके कब्जे से चार गोवंश बरामद किए गए।
कार्यवाही के दौरान गिरोह का सरगना सद्दाम पुत्र मोहम्मद अफजल मौके से फरार हो गया था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। इसी क्रम में 17 मई को नक्टवा पुल के पास पुलिस ने घेराबंदी की। खुद को घिरता देख सद्दाम ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में सद्दाम के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परसरामपुर भेजा गया।
पुलिस ने उसके कब्जे से एक अवैध तमंचा 315 बोर, जिंदा कारतूस, खोखा कारतूस और यूपी 51 एई 7173 नंबर की एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल बरामद की। पुलिस के मुताबिक सद्दाम पेशेवर गौ-तस्कर है और बस्ती, गोंडा तथा संतकबीरनगर समेत कई जिलों में सक्रिय गिरोह का संचालन करता था। गिरोह सुनसान इलाकों से गोवंश एकत्र कर बिहार में बेचने का काम करता था।
घटना के बाद पुलिस अधीक्षक बस्ती ने गिरफ्तारी करने वाली टीम को 25 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम, आर्म्स एक्ट और बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।















