गर्मी की चपेट में राहत: संतकबीरनगर जिला अस्पताल में होम्योपैथी ओपीडी हुई और बेहतर
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल संतकबीरनगर के होम्योपैथी विभाग में गर्मी के मौसम को देखते हुए ओपीडी सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में सक्रिय कदम उठाए जा रहे हैं। होम्योपैथ डॉ. उमेश चंद्रा के अनुसार, सर्दी का मौसम अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है और बढ़ती गर्मी के साथ विभिन्न स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
डॉ. उमेश चंद्रा ने बताया कि वर्तमान गर्मी में लू लगना, डिहाइड्रेशन, पेट की समस्याएं, उल्टी-दस्त, त्वचा रोग, एलर्जी और वायरल इंफेक्शन जैसी शिकायतें आम हो गई हैं। होम्योपैथी इन मौसम जनित बीमारियों का इलाज बिना साइड इफेक्ट्स के प्रभावी तरीके से करती है।
उन्होंने कहा, “गर्मी के मौसम के अनुकूल हम मरीजों को उनकी प्रकृति और लक्षणों के आधार पर व्यक्तिगत दवाएं देते हैं, जिससे त्वरित राहत मिलती है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है।”जिला अस्पताल के होम्योपैथी ओपीडी में रोजाना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। डॉक्टर ने बताया कि हाल के दिनों में प्रतिदिन 70 से 100 से अधिक मरीज ओपीडी में आ रहे हैं, जिनमें अधिकांश गर्मी से जुड़ी शिकायतें हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए विभाग में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है। डॉ. उमेश चंद्रा ने जोर दिया कि गर्मी में होम्योपैथी की दवाएं जैसे बेलाडोना, ग्लोनोइन, वेराट्रम एल्बम आदि लू, डिहाइड्रेशन और पेट संबंधी समस्याओं में बहुत कारगर साबित हो रही हैं।
मरीजों को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि भरपूर पानी पिएं, नारियल पानी और छाछ का सेवन करें, हल्का भोजन लें, दोपहर की धूप से बचें और ढीले सूती कपड़े पहनें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी की जरूरत है।जिला अस्पताल प्रशासन ने इस पहल का स्वागत किया है। डॉ. उमेश चंद्रा ने अपील की कि पुरानी बीमारियां जैसे अस्थमा, त्वचा रोग, एलर्जी या पाचन संबंधी परेशानी वाले मरीज नियमित रूप से होम्योपैथी ओपीडी में आएं। होम्योपैथी लंबे समय तक सुरक्षित और प्रभावी उपचार प्रदान करती है।
गर्मी से बचाव के लिए डॉक्टर ने घरेलू उपाय भी सुझाए सुबह नींबू पानी, पुदीना-धनिया की चटनी, खीरा और मौसमी फलों का अधिक सेवन। दवा के साथ इन छोटे बदलावों से बीमारियां दूर रखी जा सकती हैं।जिला अस्पताल संतकबीरनगर के होम्योपैथी विभाग में गर्मी के मौसम को ध्यान में रखकर की गई बेहतर व्यवस्था स्थानीय नागरिकों के लिए राहत का सबब बनेगी। डॉ. उमेश चंद्रा के प्रयासों से मरीजों को सुविधाजनक और प्रभावी होम्योपैथिक उपचार मिल सकेगा।















