आईएएस रिंकू सिंह राही ने दिया इस्तीफा: पिता बोले ‘ईमानदारी की राह चुनी, लेकिन सम्मान नहीं मिला’
अलीगढ़। यूपी कैडर के 2023 बैच के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही ने प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे में उन्होंने लंबे समय से कोई जिम्मेदारीपूर्ण पोस्टिंग न मिलने और सिस्टम में चल रहे ‘समानांतर तंत्र’ का आरोप लगाया है। यह खबर उनके गृह जनपद अलीगढ़ में हलचल मचा गई है।
रिंकू सिंह राही के पिता सौदान सिंह राही ने कहा कि बेटे ने कभी अपने आदर्शों से समझौता नहीं किया। उन्होंने बताया कि रिंकू को भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर कई बार करोड़ों के प्रलोभन दिए गए, लेकिन उन्होंने हर बार इनकार कर दिया। भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई इतनी सख्त थी कि उन पर जानलेवा हमला भी हुआ, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं और एक आंख की रोशनी भी प्रभावित हुई। इसके बावजूद वे अपने कर्तव्य पथ पर अडिग रहे।
पिता ने आरोप लगाया कि सरकार ने रिंकू की योग्यता और ईमानदारी को नजरअंदाज किया। अन्य आईएएस अधिकारियों को महत्वपूर्ण पद दिए जाते हैं, लेकिन रिंकू को उचित जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई। ताऊ रघुवीर सिंह उसवा ने मांग की कि या तो इस्तीफा सम्मान के साथ स्वीकार किया जाए या फिर उन्हें उनकी योग्यता के अनुरूप पद दिया जाए।
संघर्ष की कहानी
रिंकू सिंह राही का परिवार संघर्ष की मिसाल है। पिता सौदान सिंह ने आटा चक्की चलाकर बच्चों को पढ़ाया। आज उनके सभी बच्चे उच्च पदों पर हैं। रिंकू के अलावा परिवार में एक भाई और बहन शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ताऊ का एक बेटा भारतीय इंजीनियरिंग सेवा (IES) में और दूसरा पुलिस विभाग में जेलर के पद पर कार्यरत है।
रिंकू सिंह राही 2025 में शाहजहांपुर में एसडीएम के पद पर तैनात थे। वहां वकीलों के आंदोलन के दौरान शौचालयों की खराब स्थिति पर उन्होंने खुद उठक-बैठक लगाई थी, जिसका वीडियो वायरल हो गया था। इसके बाद उन्हें राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया गया, जहां आठ महीने तक कोई विशेष काम नहीं मिला।
रिंकू ने इस्तीफे में लिखा कि वेतन तो मिल रहा था, लेकिन जनसेवा का अवसर नहीं था। उन्होंने सांविधानिक मूल्यों से समझौता किए बिना काम करना असंभव बताते हुए इस्तीफा दे दिया।















