झूठी एफआईआर और गलत गवाही पर अब सख्त कार्रवाई: डीजीपी ने दिए स्पष्ट निर्देश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में झूठी एफआईआर दर्ज कराने और अदालत में गलत गवाही देने वालों पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस महकमे ने इस दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। डीजीपी राजीव कृष्ण ने सभी अधिकारियों को पत्र भेजकर ऐसे मामलों में बिल्कुल लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी है।
आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि यदि किसी मामले की जांच के बाद पुलिस अदालत में फाइनल रिपोर्ट (क्लोजर रिपोर्ट) लगाती है और आरोपी निर्दोष पाया जाता है, तो यह भी जांचा जाएगा कि कहीं पुलिस तंत्र का दुरुपयोग तो नहीं किया गया। यदि शिकायतकर्ता या गवाहों द्वारा झूठी, भ्रामक या तथ्यहीन जानकारी देने की बात सामने आती है, तो उनके खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
डीजीपी ने निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों में मजिस्ट्रेट के सामने लिखित शिकायत पेश करना अनिवार्य होगा। झूठी सूचना देने और जानबूझकर गुमराह करने से संबंधित प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सभी विवेचकों को इस आदेश का पालन कराने के लिए उच्चाधिकारियों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यह कदम न्याय व्यवस्था की शुचिता बनाए रखने और निर्दोष लोगों को बचाने के साथ-साथ झूठी शिकायतों से पुलिस तंत्र को अनावश्यक बोझ से मुक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।















