मानक पूरे न करने वाले आठ निजी अस्पताल आयुष्मान योजना से होंगे बाहर
संतकबीरनगर। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध निजी चिकित्सालयों की गुणवत्ता, कार्यप्रणाली एवं स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामानुज कनौजिया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि उनके निर्देश पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में आयुष्मान भारत योजना से जुड़े जिले के 25 निजी चिकित्सालयों के निरीक्षण के लिए विभिन्न विभागों की संयुक्त टीमें गठित की गई थीं। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर अस्पतालवार कमियों की समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान आठ निजी चिकित्सालय निर्धारित मानकों पर खरे नहीं पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने ऐसे अस्पतालों को आयुष्मान भारत योजना से डी-इम्पैनल्ड किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मरीजों के स्वास्थ्य से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी।
जिलाधिकारी ने सभी निजी अस्पतालों में ऑपरेशन थियेटर के सुरक्षित संचालन के लिए डिफिब्रिलेटर, अग्निशमन उपकरण तथा कम से कम दो आपातकालीन निकास द्वार अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिन अस्पतालों में ऑपरेशन थियेटर संचालित हैं लेकिन डिफिब्रिलेटर नहीं है, उन्हें दो सप्ताह के भीतर इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत उपचारित मरीजों एवं किए गए भुगतानों का अद्यतन विवरण तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि आयुष्मान योजना से जुड़े हों या सामान्य निजी अस्पताल, सभी का संचालन शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए। नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में उपायुक्त श्रम एवं रोजगार प्रभात द्विवेदी, उपायुक्त एनआरएलएम प्रवीण कुमार शुक्ला, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राम रतन, उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी अरुण कुमार तथा आयुष्मान भारत योजना से जुड़े अधिकारी एवं निजी चिकित्सालयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।















