डीएम की सख्ती: स्कूली वाहनों का 100% सत्यापन, अनफिट गाड़ियां चलने नहीं दी जाएंगी
संतकबीरनगर
जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में पूर्व निर्देशों की अनुपालना और सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों की गहन समीक्षा की गई।
डीएम ने एनएचएआई मार्गों पर झाड़ियों की सफाई, पटरी-नाली की मरम्मत और अवैध कट्स हटाने के लिए सख्त निर्देश दिए। दुर्घटना की स्थिति में एंबुलेंस और क्रेन की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु एनएचएआई प्रतिनिधि को जनपद में क्रेन व्यवस्था मजबूत करने का आदेश दिया।
शहरी क्षेत्र में सड़क किनारों की सफाई, नाली सुधार, चौराहों पर सीसीटीवी और स्ट्रीट लाइट की निरंतर जांच के लिए नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को निर्देशित किया। सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण की प्रगति पर भी चर्चा हुई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए डीएम ने गलत साइड पार्किंग और नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहनों का नियमित चालान करने पर जोर दिया। मालवाहक वाहनों, खासकर ट्रैक्टर-ट्राली के पीछे रिफ्लेक्टर रेडियम पट्टी लगाने का अभियान चलाने के निर्देश परिवहन और पुलिस अधिकारियों को दिए गए, ताकि रात्रि में दुर्घटना की आशंका कम हो।
सबसे अहम निर्देश स्कूली वाहनों पर रहा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जनपद के सभी स्कूली वाहनों का शत-प्रतिशत सत्यापन किया जाए। परमिट, फिटनेस सर्टिफिकेट की समय-समय पर जांच हो और अनफिट वाहनों को तत्काल चालान कर बंद कराया जाए। किसी भी स्कूल में एक भी अनफिट वाहन नहीं चलना चाहिए। 15 वर्ष से पुराने वाहनों का चिन्हांकन कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक लाइट और स्पष्ट संकेतकों की व्यवस्था, ब्लैक स्पॉट पर टेबल टॉप रंबल स्ट्रिप निर्माण, सीट बेल्ट-हेलमेट अनिवार्यता के प्रचार-प्रसार और उल्लंघन पर चालान के निर्देश दिए गए। सभी विभागों को आमजन को जागरूक करने के लिए विभिन्न माध्यमों से अभियान चलाने को कहा।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामानुज कनौजिया, अधिशासी अभियंता एलएनडी आर.के. पांडेय, यातायात पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रियम राजशेखर पांडेय, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी अवधेश भारती सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।















