मंडलायुक्त ने निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण कार्य के दिए सख्त निर्देश
गोरखपुर। मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने जनपद में चल रहे नवनिर्माण एवं सड़कों के चौड़ीकरण से जुड़े कार्यों में भूमि अधिग्रहण, रजिस्ट्री और विद्युत पोल शिफ्टिंग की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं का संबंधित विभागों से समन्वय बनाकर शीघ्र निस्तारण किया जाए, ताकि परियोजनाओं की रफ्तार प्रभावित न हो और सभी कार्य समय से पूरे किए जा सकें।
मंडलायुक्त यह निर्देश आयुक्त सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान दे रहे थे, जहां जनपद में संचालित 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की प्रगति में किसी भी स्तर पर कमी नहीं आनी चाहिए और सभी परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हों।
विरासत गलियारा और पिपराईच-असुरन मार्ग के निर्माण की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि लंबित रजिस्ट्रियों को तत्काल पूरा कराया जाए। साथ ही, कार्य में आ रही समस्याओं का विभागीय समन्वय से त्वरित समाधान कर निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाए।
बैठक में सेतु निगम द्वारा निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि कार्य प्रगति पर है और इसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण कर लिया जाएगा। इस पर मंडलायुक्त ने कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए।
इसके अलावा बैठक में एनएच (लोक निर्माण विभाग), एनएचएआई, यूपी राजकीय निर्माण निगम, आवास विकास, सीएनडीएस, यूपी पुलिस आवास निगम, यूपीडा, जल निगम सहित अन्य संबंधित विभागों की बिंदुवार समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने दो टूक शब्दों में कहा कि सभी निर्माणाधीन कार्यों को हर हाल में समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए, अन्यथा संबंधित विभागों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, डीएफओ विकास यादव, मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।















