राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 2.0 की तैयारी: रायबरेली में जिला न्यायाधीश की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बात 

राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 2.0 की तैयारी: रायबरेली में जिला न्यायाधीश की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बात 

रायबरेली। माननीय उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अमित पाल सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 2.0 से परिचित कराने हेतु दीवानी न्यायालय, रायबरेली में मा. प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय के साथ विशेष बैठक आयोजित की गई। यह अभियान 01 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक चलेगा।

बैठक में मा. प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय ने समस्त अपर प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय को स्पष्ट निर्देश दिए कि वैवाहिक विवाद एवं घरेलू हिंसा के मामलों में जहां सुलह-समझौते की अधिक संभावना हो, उन्हें इस अभियान के अंतर्गत प्राथमिकता से मध्यस्थता के जरिए निस्तारण किया जाए।

निर्देशों में कहा गया कि वैवाहिक मामलों में यदि आवश्यक हो तो पक्षकारों के अधिवक्ताओं का भी सहयोग लिया जाए। प्राचीनतम वैवाहिक मामलों को विशेष वरीयता देते हुए पक्षकारों को अभियान का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। बैठक में मध्यस्थता के माध्यम से विवादों के शीघ्र निस्तारण पर जोर दिया गया, ताकि न्यायालयों पर बोझ कम हो और पक्षकारों को त्वरित न्याय मिल सके।

अभियान के तहत मध्यस्थता की प्रक्रिया को सरल, निष्पक्ष और गोपनीय रखा जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने सभी संबंधित न्यायालयों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने और जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए हैं।

यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर चल रहा है, जिसका उद्देश्य वैवाहिक एवं पारिवारिक विवादों को अदालत के बाहर सुलझाकर परिवारों में सद्भाव बनाए रखना है। बैठक में उपस्थित न्यायिक अधिकारियों ने अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।

Previous articleशहीद सूबेदार मेजर कलेक्टर प्रसाद शर्मा की पुण्यतिथि पर सेवा-संकल्प
Next articleगणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल का पुलिस अधीक्षक ने किया टोलीवार निरीक्षण, दिए सुधार के निर्देश

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here