बाल विवाह मुक्त भारत अभियान: रायबरेली में जागरूकता कार्यक्रम संपन्न, लोगों को दिलाई शपथ
रायबरेली। जिलाधिकारी हर्षिता माथुर के निर्देशानुसार जनपद में चलाए जा रहे ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारत सरकार द्वारा विगत 27 नवम्बर 2025 से 8 मार्च 2026 तक प्रस्तावित 100 दिवसीय अभियान के द्वितीय चरण (01 जनवरी से 31 जनवरी 2026) के अंतर्गत जनपद मुख्यालय में हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वुमेन टीम द्वारा विशेष जागरूकता कार्यक्रम संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रोबेशन अधिकारी के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें धार्मिक स्थलों, रेस्टोरेंट, पेट्रोल पंप और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को बाल विवाह के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया। प्रतिभागियों को बाल विवाह निषेध कानून की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की एवं 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है। ऐसे विवाह की सूचना 1098 हेल्पलाइन पर देने की अपील की गई।
कार्यक्रम में लोगों को बाल विवाह मुक्त भारत की शपथ दिलाई गई। साथ ही महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, महिला हेल्पलाइन 181 तथा वन स्टॉप सेंटर जैसी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
इस अवसर पर जिला मिशन समन्वयक शेफाली सिंह, जेंडर स्पेशलिस्ट पूजा तिवारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से जनपद में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाने और समाज को संवेदनशील बनाने का प्रयास किया गया।
डीएम हर्षिता माथुर ने कहा कि बाल विवाह न केवल बच्चियों के भविष्य को प्रभावित करता है, बल्कि समाज के समग्र विकास में बाधक है। अभियान के तहत जनपद में निरंतर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि रायबरेली को पूर्णतः बाल विवाह मुक्त बनाया जा सके।















