डीएम हर्षिता माथुर और एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने गेगासो गंगा घाट का किया निरीक्षण, मकर संक्रांति स्नान के लिए व्यवस्थाओं पर सख्त निर्देश।
रायबरेली। मकर संक्रांति पर्व पर गंगा स्नान के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी हर्षिता माथुर एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने आज गेगासो गंगा घाट का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने घाट पर उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं का गहन जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने कहा कि मकर संक्रांति का पर्व गंगा स्नान के लिए विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, इसलिए सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह चाक-चौबंद और श्रद्धालु-अनुकूल होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, उचित प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग स्थलों का प्रबंधन तथा साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। किसी भी प्रकार की कमी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने सुरक्षा के पहलू पर जोर देते हुए कहा कि घाट पर भीड़ प्रबंधन, प्रवेश-निकास मार्गों की व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, पुलिस बल की तैनाती तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित रिस्पांस टीम तैयार रखी जाए। उन्होंने क्षेत्राधिकारी अमित सिंह को निर्देशित किया कि घाट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में निरंतर पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो।
निरीक्षण के दौरान क्षेत्राधिकारी अमित सिंह, तहसीलदार लालगंज शिवम राठौर सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने मौके पर ही अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट ली और आवश्यक सुधारों के निर्देश दिए। दोनों अधिकारियों ने कहा कि मकर संक्रांति जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में प्रशासन की भूमिका श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और शांति बनाए रखने की होती है। सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने का निर्देश दिया गया है।
यह निरीक्षण प्रशासन की गंभीरता और पूर्व तैयारी को दर्शाता है। अब देखना है कि गेगासो गंगा घाट पर मकर संक्रांति के दिन सभी व्यवस्थाएं कितनी प्रभावी साबित होती हैं, ताकि श्रद्धालु निर्विघ्न और सुरक्षित रूप से गंगा स्नान कर सकें।















