भागवत कथा के प्रथम दिन उमड़ा जनसैलाब, आचार्य देवव्रत जी महाराज ने बताया भक्ति का महत्व और मोक्ष का सरल मार्ग
संतकबीरनगर। नगर पंचायत हरिहरपुर में आशुतोष पाण्डेय के आयोजन में चल रही नव दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिन (3 जनवरी 2026) व्यास पीठ पर विश्व विख्यात कथावाचक आचार्य प्रवर पूज्य श्री देवव्रत जी महाराज ने कथा की महिमा का गहन वर्णन किया। हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में माहौल भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा।
महाराज जी ने कहा कि भागवत कथा का श्रवण मात्र से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत महापुराण साक्षात भगवान श्री कृष्ण का स्वरूप है। कथा के पहले दिन भागवत महात्म्य का वर्णन करते हुए नारद मोह, भक्ति, ज्ञान एवं वैराग्य के प्रसंग सुनाए गए, जिन्हें सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
आचार्य देवव्रत जी ने स्पष्ट किया कि कलियुग के दोषों से बचने का सबसे सरल और प्रभावी मार्ग हरि नाम का संकीर्तन तथा भागवत श्रवण है। आत्मदेव और गोकर्ण के प्रसंग के माध्यम से उन्होंने सत्संग की महत्ता समझाई कि कैसे सत्संग जीवन को दिशा देता है और पापों से मुक्ति दिलाता है।
मुख्य यजमान श्री शक्ति कुमार पाण्डेय और आयोजक आशुतोष पाण्डेय ने व्यास पीठ का पूजन किया तथा आरती उतारी। इस दौरान भारी संख्या में पहुंचे भक्तों ने भजनों पर नृत्य किया, जयकारे लगाए और पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। कथा के समापन पर प्रसाद वितरण किया गया।
यह कथा 9 जनवरी 2026 तक दोपहर 1:00 बजे से प्रतिदिन जारी रहेगी। स्थानीय लोगों में इस आध्यात्मिक अनुष्ठान को लेकर अपार उत्साह है। श्रद्धालु महाराज जी के दिव्य प्रवचनों से जीवन मूल्यों, भक्ति और मोक्ष की प्रेरणा प्राप्त कर रहे हैं। हरिहरपुर में यह आयोजन भक्ति, एकता और आध्यात्मिक जागरण का अनुपम उदाहरण बन रहा है।















