शीतलहर से राहत: बीआरडी मेडिकल कॉलेज में रैन बसेरा, कंबल-भोजन वितरण और अलाव की व्यवस्था
गोरखपुर। कड़ाके की शीतलहर और घने कोहरे के बीच जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। प्राचार्य रामकुमार जायसवाल की पहल पर इलाज के साथ ही मरीजों, उनके परिजनों और निराश्रितों के लिए रैन बसेरा, कंबल, भोजन और अलाव की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
भरगव सेवा समिति के सहयोग से आयोजित इस पहल के तहत रैन बसेरों का निरीक्षण किया गया। जरूरतमंदों को गर्म भोजन, कंबल वितरित किए गए और बाहर लकड़ी के अलाव जलवाकर ठंड से बचाव सुनिश्चित किया गया। प्राचार्य रामकुमार जायसवाल ने कहा कि ठंड में मरीजों और परिजनों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। अस्पताल परिसर में अलाव की व्यवस्था से लोग खुले में बैठकर गर्माहट महसूस कर रहे हैं।
यह व्यवस्था न केवल मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए है, बल्कि अस्पताल आने वाले अन्य जरूरतमंदों के लिए भी खुली है। भरगव सेवा समिति के कार्यकर्ताओं ने कहा कि शीतलहर के इस दौर में गरीब, मजदूर और बेसहारा लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। इसलिए कंबल, भोजन और गर्माहट की व्यवस्था निरंतर जारी रहेगी।
प्राचार्य ने अस्पताल प्रशासन और सेवा समिति के प्रयासों की सराहना की। स्थानीय लोगों ने इस पहल को सराहा और कहा कि ठंड के मौसम में ऐसी व्यवस्थाएं जीवनरक्षक साबित हो रही हैं।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज की यह संवेदनशील पहल गोरखपुर में शीतलहर से लड़ाई का एक बेहतरीन उदाहरण बन गई है। प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयास से जरूरतमंदों को ठंड से राहत मिल रही है।















