गोरखपुर: जीडीए बोर्ड में मंडलायुक्त भड़के – “एक दिन की देरी भी बर्दाश्त नहीं”, ठेकेदारों को लगा अल्टीमेटम

गोरखपुर: जीडीए बोर्ड में मंडलायुक्त भड़के – “एक दिन की देरी भी बर्दाश्त नहीं”, ठेकेदारों को लगा अल्टीमेटम

गोरखपुर .जीडीए सभागार में आज सुबह 129वीं बोर्ड बैठक में हंगामा हो गया। जैसे ही कुछ प्रोजेक्ट्स की फाइलें खुलीं, मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने टेबल ठोकते हुए बोला, “ये क्या तमाशा है? सड़क, सीवर, पार्क – हर काम लेट! अब एक भी दिन की ढील नहीं।

दिसंबर अंत तक जो प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ, ठेकेदार का पेमेंट रोक दूंगा और ब्लैक लिस्ट कर दूंगा।”सचिव पुष्पराज सिंह ने जब प्रगति रिपोर्ट पढ़ी तो कई योजनाएं 30-40% पर अटकी मिलीं। मंडलायुक्त ने तुरंत आदेश दिया, “हर प्रोजेक्ट पर बोर्ड लगाओ – काम का नाम, ठेकेदार का नाम-फोटो, डेडलाइन।

जनता को पता चले कि कौन सो रहा है।”डीएम दीपक मीणा ने भी तल्ख लहजे में कहा, “शहर फूट रहा है, ट्रैफिक जाम से लोग त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। अब जीडीए को सोचना होगा कि 10 साल बाद गोरखपुर कैसा दिखेगा। चौड़ी सड़कें, फ्लाईओवर, नए बाइपास – अभी से प्लान करो, वरना बहुत देर हो जाएगी।”बैठक में लिए गए बड़े फैसले: सभी आवासीय योजनाओं के बकाया प्लाट 3 महीने में नीलाम।

हर पार्क का सौंदर्यीकरण दिसंबर तक पूरा।

सीवर-ड्रेनेज के लेट प्रोजेक्ट पर रोज 50 हजार जुर्माना।

हर हफ्ते साइट पर बोर्ड सदस्य जाएंगे।

बैठक खत्म होते-होते मंडलायुक्त ने आखिरी चेतावनी दी, “अगली बैठक में सिर्फ फोटो और वीडियो चाहिए – काम पूरा होने के। बहाना चला तो सीधे निलंबन।”जीडीए अफसरों के चेहरे लटक गए, लेकिन मंडलायुक्त के जाते ही फाइलें उठाकर दौड़ पड़े – अब काम नहीं हुआ तो नौकरी जाएगी

 

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