प्रमुख सचिव ने खोराबार क्षेत्र का किया निरीक्षण
गोरखपुर को जलभराव-मुक्त बनाने पर जोर
गोरखपुर। प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरुप्रसाद ने बुधवार को खोराबार क्षेत्र के कल्याण मंडपम, मेडिसिटी व तकिया घाट का स्थलीय निरीक्षण किया। इसके बाद नगर निगम में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली, जिसमें जल निकासी, नाला निर्माण और अर्बन फ्लड मैनेजमेंट पर विस्तृत चर्चा हुई।
UFMC की प्रस्तुति: गोरखपुर बनेगा फ्लड-रेजिलिएंट
नगर निगम ने अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल (UFMC) की विस्तृत प्रस्तुति दी। प्रमुख सचिव ने स्मार्ट ड्रेनेज नेटवर्क, नालों-पंप हाउस के आधुनिकीकरण और दीर्घकालिक तकनीकी समाधान पर जोर देते हुए सभी योजनाओं को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए।
तकिया घाट जल शोधन संयंत्र
निरीक्षण के दौरान संयंत्र की कार्यप्रणाली जांची। प्रदूषण रोकने, क्षमता वृद्धि और पुराने उपकरणों को आधुनिक मशीनरी से बदलने के सख्त निर्देश दिए गए।
गौड़धोइया नाला: निर्माण तेजी पर
अतिक्रमण पूरी तरह हटाया गया। कंक्रीट संरचना से मजबूत व भारी बारिश को झेलने लायक नाला बनाया जा रहा है। प्रमुख सचिव ने गुणवत्ता व समय सीमा का कड़ाई से पालन करने को कहा।
नगर निगम के कार्यों की समीक्षा
– नालों की पहले डी-सिल्टिंग
– बार-बार जलभराव वाले क्षेत्रों में स्थायी समाधान
– अतिक्रमण पर जीरो टॉलरेंस
– रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा
– रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि मशीनरी-मानव संसाधन बढ़ाया जा रहा है ताकि बारिश में त्वरित कार्रवाई हो सके।
मेडिसिटी क्षेत्र के लिए विशेष मास्टर प्लान
आंतरिक सड़कें मजबूत करने, स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज और हरित क्षेत्र बढ़ाने के निर्देश।
अंतिम संदेश प्रमुख सचिव ने कहा, “गोरखपुर जलभराव-मुक्त शहर बनेगा। सभी विभाग समन्वय से मानसून पूर्व पूरी तैयारी करें। सफल मॉडल बना तो प्रदेश के अन्य शहरों के लिए मिसाल बनेगा।”
बैठक में जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्धन, अपर नगर आयुक्तगण, जलकल जीएम रघुवेंद्र कुमार, मुख्य अभियंता अमित शर्मा सहित सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।















