गीडा सेक्टर-15 में रूंगटा इंडस्ट्रीज की आग पर काबू: 36 घंटे की मशक्कत के बाद राहत, लेकिन तेल बाकी होने से निगरानी जारी
गोरखपुर। गीडा इंडस्ट्रियल एरिया के सेक्टर-15 में स्थित रूंगटा इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड (रिफाइन फैक्ट्री) के ब्रान ऑयल प्लांट में शुक्रवार भोर 3 बजे लगी भीषण आग पर आज 21 नवंबर 2025 को शाम तक काबू पा लिया गया। फायर ब्रिगेड की लगभग 15 गाड़ियों और अतिरिक्त वाटर टैंकरों ने 36 घंटे से अधिक समय तक युद्धस्तर पर संघर्ष किया, तब जाकर आग पर नियंत्रण हुआ। हालांकि, प्लांट में बचा हुआ तेल अभी भी धीरे-धीरे जल रहा है, जिसके कारण आग पूरी तरह बुझी नहीं है। इसे सुरक्षित रूप से जलने दिया जा रहा है ताकि कोई विस्फोट न हो। कूलिंग प्रक्रिया और सतत निगरानी जारी है।
आग लगते ही पूरा इलाका काले धुएं की चपेट में आ गया था। आसपास की कॉलोनियों और फैक्ट्री कर्मचारियों के लिए सांस लेना मुश्किल हो गया। प्लांट में भारी मात्रा में ज्वलनशील ब्रान ऑयल, हेक्सेन गैस (लगभग 50 हजार लीटर) और सॉल्वेंट होने के कारण लपटें कई बार दोबारा भड़कने की कोशिश कीं। स्थानीय लोगों ने बताया कि धुआं इतना घना था कि सुबह से शाम तक दृश्यता शून्य हो गई।
सूचना मिलते ही जिलाधिकारी दीपक मीणा, एसपी उत्तरी ज्ञानेंद्र, क्षेत्राधिकारी गीडा कमलेश प्रताप सिंह, चौकी प्रभारी पिपरौली संतोष कुमार सिंह सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। डीएम और एसपी ने खुद राहत-बचाव कार्यों की कमान संभाली। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के इलाकों को खाली कराया गया और लोगों को दूर रखा गया। पुलिस ने सख्त घेराबंदी की। निगरानी के लिए पर्याप्त बल तैनात किया गया है ताकि कोई अनहोनी न हो।
प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या मशीनरी फेलियर को कारण माना जा रहा है। फैक्ट्री प्रबंधन से विस्तृत पूछताछ की जा रही। गीडा प्राधिकरण की सीईओ अनुज मलिक भी मौजूद रही जानकारी के अनुसार प्लांट करीब 7 वर्ष से संचालित हो रहा था और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था। सहजनवा एसडीएम केसरी नंदन तिवारी ने कहा कि जांच पूरी होने पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। कोई जनहानि नहीं हुई। प्रशासन ने औद्योगिक सुरक्षा मानकों, फायर एनओसी और अग्निशमन व्यवस्था की गहन जांच के आदेश दिए हैं।
फायर ब्रिगेड और प्रशासन की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया।















