शिक्षा गुणवत्ता सुधार के लिए डीएम की सख्त बैठक
गोरखपुर। जनपद में बेसिक शिक्षा की गुणवत्ता मजबूत करने के लिए जिलाधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। डीएम ने सभी 21 ब्लॉकों के बीडीओ, 7 तहसीलों के एसडीएम और नायब तहसीलदारों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र के विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करें और शिक्षण व्यवस्था में लापरवाही न बरतें।
लंबे समय से निरीक्षण न होने पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने कहा, “शासन की मंशा है कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले।” शिक्षकों-छात्रों की उपस्थिति, मिड-डे मील, शौचालय साफ-सफाई, स्मार्ट क्लास उपयोग और शिक्षण सामग्री पर विशेष ध्यान देने को कहा। भौतिक सत्यापन, खामियों की रिपोर्ट और सुधारात्मक कार्रवाई अनिवार्य की गई। लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी ने स्वच्छता, पेयजल, बालिका सुरक्षा और परिसर सौंदर्यीकरण पर जोर दिया। बीएसए रामेंद्र सिंह ने प्रत्येक ब्लॉक में अकादमिक मॉनिटरिंग टीम गठित करने की जानकारी दी। परियोजना निदेशक दीपक सिंह ने नवाचारों और तकनीकी उपयोग पर प्रकाश डाला।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी राजमणि वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। डीएम ने अंत में कहा, “शिक्षा कागजों पर नहीं, बच्चों के ज्ञान में दिखनी चाहिए।” गोरखपुर शिक्षा सुधार का मॉडल बनेगा।















