चिलुआताल में फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट: गोरखपुर बनेगा भारत का चौथा केंद्र, रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा।
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के चिलुआताल में भारत का चौथा फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट स्थापित होने जा रहा है। यह परियोजना लगभग 1,000 एकड़ क्षेत्र में शुरू होगी, जो सौर ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी। डीएम दीपक मीणा ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर परियोजना की कार्ययोजना को अंतिम रूप देने और कार्य संरचना पर बल देने के निर्देश दिए।
परियोजना का विवरण
चिलुआताल में प्रस्तावित फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट सौर मॉड्यूल्स से सुसज्जित होगा, जो पानी पर तैरने के लिए डिज़ाइन किए जाएंगे। ये मॉड्यूल पानी के नीचे तारों के माध्यम से ट्रांसमिशन टावर तक ऊर्जा पहुंचाएंगे। यह परियोजना न केवल सस्ती और पर्यावरण-अनुकूल बिजली उत्पादन करेगी, बल्कि आसपास के गांवों को कम दरों पर बिजली उपलब्ध कराएगी। सौर ऊर्जा की तुलना में ताप ऊर्जा से होने वाली लागत में कमी से राज्य सरकार के खजाने की भी बचत होगी।
रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा
डीएम ने बताया कि यह परियोजना बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगी। निर्माण और संचालन के दौरान स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण और नौकरियां दी जाएंगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। इसके अलावा, चिलुआताल का यह अनूठा प्रोजेक्ट पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा, जिसे मनोरंजन और दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
बैठक और कार्ययोजना
बैठक में कोल इंडिया, HURL, जल निगम, SUDA, मुख्य राजस्व अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व), एसडीएम सदर, और डिप्टी कलेक्टर/तहसीलदार सदर शामिल हुए। जिलाधिकारी ने सभी को परियोजना के लिए जिम्मेदारियां सौंपीं और कार्य को तेजी से शुरू करने के निर्देश दिए। यह परियोजना गोरखपुर को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के साथ-साथ योगी सरकार की नवीकरणीय ऊर्जा नीति को मजबूती देगी।















