हाईवे जाम करने वाले 96 लोगों पर मुकदमा दर्ज।
संतकबीरनगर। बस्ती पुलिस द्वारा दो युवकों को उठाए जाने के विरोध में कांटे चौकी के सामने करीब पौन घंटे तक गोरखपुर-लखनऊ राजमार्ग जाम करने के मामले में पुलिस ने 36 नामजद और 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। यह कार्रवाई कांटे चौकी इंचार्ज राम वशिष्ट की तहरीर पर की गई।
कोतवाल पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि 7-8 सितंबर की रात बस्ती पुलिस ने जगदीशपुर उर्फ लहुरादेवा गांव से दो युवकों को उठाया था, जिसके विरोध में चार-पांच ग्रामीण चौकी पर बातचीत के लिए पहुंचे। उनका आरोप था कि पुलिस ने जानबूझकर परेशान करने और गलत कार्रवाई की। पुलिस ने समझाने की कोशिश की, लेकिन अचानक बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने चौकी के सामने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद उग्र भीड़ ने राजमार्ग के दोनों लेन जाम कर दिए।
जाम हटाने के प्रयास के बावजूद भीड़ ने पुलिस के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां और जानमाल की धमकी दी। इस दौरान हाईवे जाम होने से एम्बुलेंस में फंसे मरीज के परिजनों ने बार-बार गुहार लगाई, जबकि स्कूली बच्चे भी जाम में फंस गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई। रोड जाम के वीडियो और सोशल मीडिया पर वायरल फुटेज के आधार पर जाम लगाने वालों की पहचान की गई।
नामजद अभियुक्तों में काशीनाथ, महेंद्र, रामकिशुन, बिंदु, राधे प्रकाश, भगहूराम, घनश्याम, संगम उर्फ टमाटर, सूरज, अवधराज, हेमंत अग्रहरि, आकाश राव, सर्वेश, चंदन, तरुण, अजीत, कोईल, रामू भारती, कमाले, मिस्टर, अशोक तिवारी, जनार्दन प्रसाद तिवारी, श्रीराम, प्रद्युम्न कन्नौजिया, वीरेंद्र यादव, पूनम देवी, लक्ष्मी देवी, सरिता देवी, कौशिल्या देवी, बदामा देवी (लहुरादेवा निवासी), रामजी चौधरी (चकिया), मुस्तकीम, विनोद (काटगंगा), आज्ञाराम चौधरी (अहिरौली), राघवेंद्र (बड़ेला), संजय (सिसवा पांडेय, मुंडेरवा, बस्ती) सहित 50-60 अज्ञात महिलाएं और पुरुष शामिल हैं। इनके खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी गई है।















