समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के लिए प्रबुद्धजनों की ओरिएंटेशन कार्यशाला।
गोरखपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी पहल ‘विकसित भारत-2047’ के तहत भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें समावेशी विकास, तकनीकी नवाचार और सतत प्रगति पर जोर दिया गया है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को 2047 तक विकसित राज्य बनाने का संकल्प लिया है। इस मिशन को साकार करने के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए ‘समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश 2047’ अभियान के तहत विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
इसी कड़ी में गोरखपुर के एनेक्सी सभागार में बुधवार, 10 सितंबर 2025 को चयनित प्रबुद्धजनों की एकदिवसीय ओरिएंटेशन कार्यशाला का आयोजन हुआ। इस कार्यशाला में प्रबुद्धजनों का जमावड़ा रहा, जिसमें शिक्षाविदों, उद्यमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य प्रदेश के विकास के लिए रोडमैप तैयार करना और जनता के सुझावों को विजन डॉक्यूमेंट में शामिल करना था।
कार्यशाला में प्रमुख सचिव नियोजन ने ‘समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश 2047’ की रूपरेखा प्रस्तुत की, जिसमें तीन थीम- अर्थ शक्ति, सृजन शक्ति और जीवन शक्ति- पर आधारित योजनाओं पर चर्चा हुई। प्रबुद्धजनों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, और सांस्कृतिक पुनर्जागरण जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक और अल्पकालिक योजनाओं पर विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस अभियान में हर परिवार से कम से कम एक सुझाव लेने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए QR कोड और ‘समर्थ उत्तर प्रदेश’ पोर्टल शुरू किया गया है
कार्यशाला में गोरखपुर को ‘सिटी ऑफ नॉलेज’ के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया गया, जिसमें महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय और आयुष विश्वविद्यालय की भूमिका को रेखांकित किया गया।
यह आयोजन उत्तर प्रदेश को आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।















