PET 2025 परीक्षा: कड़ी सुरक्षा के बीच गोरखपुर में प्रथम पाली सकुशल संपन्न, 93 हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) 2025 का पहला चरण शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सकुशल संपन्न हो गया। गोरखपुर में 49 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित प्रथम पाली की परीक्षा में हजारों अभ्यर्थियों ने भाग लिया, जो विभिन्न ग्रुप ‘बी’ एवं ‘सी’ पदों के लिए प्रवेश द्वार साबित होगी। परीक्षा का दूसरा दिन 7 सितंबर को होगा, जहां कुल 93,024 अभ्यर्थी दो-दो पालियों में अपनी किस्मत आजमाएंगे।
प्रथम पाली सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक चली, जबकि दूसरी पाली दोपहर 3 से शाम 5 बजे निर्धारित है। प्रथम पाली के लिए अभ्यर्थियों को सुबह 8 से 9:30 बजे तक केंद्रों में प्रवेश की अनुमति दी गई, जबकि दूसरी पाली के लिए दोपहर 1 से 2:30 बजे तक। परीक्षा नोडल अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (सिटी) अंजनी कुमार सिंह ने केंद्रीय नोडल कक्ष से समस्त केंद्रों पर नजर रखी। उन्होंने बताया कि परीक्षा शांतिपूर्ण रही, और किसी भी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं मिली।
परीक्षा को निष्पक्ष बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए। 49 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 49 स्टैटिक मजिस्ट्रेट नियुक्त हैं। ‘सी’ श्रेणी के संवेदनशील केंद्रों पर एसडीएम एवं तहसीलदार स्तर के वरिष्ठ अधिकारी तैनात रहे। प्रत्येक केंद्र के प्रवेश द्वार और परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए, जो पूरे समय निगरानी करते रहे। जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अनुरोध किया कि वे प्रवेश पत्र, फोटो पहचान पत्र और पारदर्शी पार्किंग बोतल के अलावा कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण न ले जाएं।
डीएम दीपक मीणा ने परीक्षा संपन्न होने पर अधिकारियों की तत्परता की सराहना की। उन्होंने कहा कि PET 2025 ग्रुप ‘सी’ पदों जैसे लेखपाल, जूनियर असिस्टेंट, वन रक्षक आदि के लिए अनिवार्य है, और इसका स्कोर 3 वर्ष तक वैध रहेगा। गोरखपुर के 49 केंद्रों पर राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे अभ्यर्थी शामिल हुए, जिनमें अधिकतर युवा सरकारी नौकरी की दौड़ में हैं। प्रशासन ने यातायात व्यवस्था के लिए विशेष टीम तैनात की, और स्कूलों को बंद रखने का आदेश देकर परीक्षार्थियों को राहत दी।
यह परीक्षा UPSSSC की महत्वाकांक्षी भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा है, जो बेरोजगार युवाओं को सरकारी अवसर प्रदान करेगी। अभ्यर्थियों ने परीक्षा को मध्यम स्तर का बताया, और आयोग ने परिणाम जल्द जारी करने का आश्वासन दिया। गोरखपुर प्रशासन की सतर्कता से परीक्षा नकल-धांधली मुक्त रही, जो सुशासन की मिसाल है। उम्मीद है कि शेष पालियां भी उतनी ही शांतिपूर्ण होंगी।















