साइबर ठगी का नया जाल: इंस्टाग्राम पर ‘भाई’ बनकर महिला से ऐंठे लाखों, जागरूकता से बचें ऐसे फरेब
संतकबीरनगर। सोशल मीडिया की चमकदार दुनिया में छिपे खतरे अक्सर अनजाने में हमें जाल में फंसा लेते हैं। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां इंस्टाग्राम पर एक ठग ने खुद को ‘भाई’ बनाकर एक 30 वर्षीय महिला का विश्वास जीता और लाखों रुपये ठग लिए। यह कहानी न सिर्फ धोखे की क्रूरता दर्शाती है, बल्कि साइबर अपराधों से बचाव की जरूरत पर जोर देती है। महिला, जो धनघटा थाना क्षेत्र की निवासी है और हाईस्कूल तक पढ़ी हुई है, दो साल से इंस्टाग्राम इस्तेमाल कर रही थी। उसकी मुलाकात एक युवक से हुई, जो खुद को इंग्लैंड का निवासी आर्यन बताता था। उसने खुद को सुपरमार्केट का मालिक बताकर विश्वास जीता और वीडियो कॉल पर उसे ‘बहन’ कहकर भावुक कर दिया।
20 जुलाई को उसने गिफ्ट के रूप में महंगे मोबाइल और हीरे के गहने भेजने का वादा किया। अगले दिन, एक फोन आया कॉलर खुद को मुंबई एयरपोर्ट का कस्टम अधिकारी बताता था। उसने बताया कि इंग्लैंड से आए पार्सल में 70 लाख रुपये कीमत के हीरे की अंगूठियां, हार, सोने के गहने और मोबाइल पकड़े गए हैं। धमकी दी गई कि अगर पैसे नहीं दिए तो पूरा परिवार जेल जाएगा। महिला का पति तीन साल से शारीरिक-मानसिक बीमारी से जूझ रहा है, जिससे वह और घबरा गई। उसने ससुर को बताया, लेकिन ठग ने उन्हें भी डराया।
धीरे-धीरे, ठग ने छोटी-छोटी रकम मांगी—कस्टम क्लियरेंस के नाम पर। महिला ने बैंक से पैसे निकाले, फिर 6 लाख में तीन बीघा जमीन गिरवी रखी और जेवरात तक बेच दिए। कुल 16-17 लाख रुपये ठग लिए गए। स्कैनर, यूपीआई और बैंक ट्रांसफर से पैसे 30-40 खातों में भेजे गए। जब धमकियां जारी रहीं, तो महिला ने हिम्मत जुटाई और साइबर थाने पहुंची। पुलिसकर्मी स्तब्ध रह गए। साइबर थाने के एसओ जय प्रकाश चौबे ने बताया कि जांच चल रही है, जिसमें खातों की डिटेल्स निकाली जा रही हैं। सदर थाने के सहयोग से केस दर्ज किया जाएगा। एसपी संदीप कुमार मीना ने कहा, “साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी है। लालच में न आएं, अजनबियों पर भरोसा न करें।”
यह घटना साइबर ठगी के नए तरीकों की चेतावनी है। ठग सोशल मीडिया पर रिश्ते बनाते हैं, गिफ्ट का लालच देते हैं, फिर कस्टम या कानूनी धमकियां देकर पैसे ऐंठते हैं। बचाव के टिप्स: अनजान लोगों से बातचीत सीमित रखें, गिफ्ट या पैसे के वादों पर शक करें, कोई धमकी मिले तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें। साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। जागरूक रहें, सुरक्षित रहें—क्योंकि डिजिटल दुनिया में सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है।















