आयुष सिंह हत्याकांड में पिस्टल सप्लायर रोहित यादव गिरफ्तार
श्मशानघाट इंडस्ट्रियल एरिया से पकड़ा गया आरोपी, 7.65 बोर के 2 कारतूस बरामद
लेन-देन विवाद में दोस्ती ने लिया खूनी मोड़, साजिश में शामिल था रोहित
संतकबीरनगर। कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने आयुष सिंह उर्फ संगम (24) की हत्या के मामले में गुरुवार को श्मशानघाट इंडस्ट्रियल एरिया के पास से एक और आरोपी, रोहित यादव, को गिरफ्तार किया। रोहित के पास से 7.65 बोर के दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस के मुताबिक, रोहित ने ही मुख्य आरोपी को पिस्टल और कारतूस मुहैया कराए थे और वह हत्या की साजिश में भी शामिल था।
एसपी संदीप कुमार मीना ने बताया कि पटखौली निवासी आयुष सिंह की सोमवार देर शाम हाईवे पर राज ग्लोबल स्कूल, मलोरना के पास थार गाड़ी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आयुष के चाचा रवि प्रकाश सिंह की तहरीर पर शिवम पासवान (खम्हरिया, कोतवाली खलीलाबाद), आदर्श शुक्ला (मरवटिया, थाना पुरानी बस्ती), सिद्धार्थ सिंह (अभयपुरा, थाना कप्तानगंज) और दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। दो दिन पहले पुलिस ने शिवम, आदर्श और सिद्धार्थ को गिरफ्तार कर लिया था, जिनके पास से 32 बोर की पिस्टल, खोखा और कारतूस बरामद हुए थे।
पूछताछ में पता चला कि आयुष की तीनों आरोपियों से गहरी दोस्ती थी। आयुष ने आदर्श और सिद्धार्थ को 9-10 लाख रुपये उधार दिए थे। इसी लेन-देन के विवाद में आदर्श शुक्ला ने पिस्टल से गोली मारकर आयुष की हत्या कर दी। गुरुवार को कोतवाल पंकज कुमार पांडेय, एसएसआई राजेश कुमार दूबे, एसआई इल्ताफ खान, हेड कांस्टेबल पप्पू सिंह, कांस्टेबल बलराम यादव और संजीत कुशवाहा की टीम ने बंजरिया पूर्वी यादव टोला निवासी रोहित यादव को गिरफ्तार किया। रोहित ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसके पास एक पिस्टल और चार कारतूस थे, जिनमें से उसने हत्या के लिए हथियार उपलब्ध कराए।
पुलिस अब मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। यह घटना दोस्ती और लेन-देन के विवाद का खौफनाक परिणाम दर्शाती है।















