रीजेंसी हॉस्पिटल का उद्घाटन, सीएम योगी बोले- CM राहत कोष से 1100 करोड़ की मदद, अब दुर्लभ स्वास्थ्य सेवाएं सहज।

 रीजेंसी हॉस्पिटल का उद्घाटन, सीएम योगी बोले- CM राहत कोष से 1100 करोड़ की मदद, अब दुर्लभ स्वास्थ्य सेवाएं सहज।

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार,  को गोरखपुर के गुलरिहा में रीजेंसी हॉस्पिटल के भव्य उद्घाटन समारोह में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने हॉस्पिटल का निरीक्षण किया, सुविधाओं का जायजा लिया और मरीजों की सुविधा के लिए ‘रीजेंसी माई केयर’ ऐप लॉन्च किया। अपने संबोधन में सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर में अब उच्च स्तरीय इलाज के लिए न तो सुविधाओं की कमी है और न ही धन की। आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के जरिए हर जरूरतमंद को उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।

 

स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांति सीएम ने बताया कि पहले गरीबों के लिए महंगी स्वास्थ्य सुविधाएं दुर्लभ थीं, लेकिन आज ये सहज उपलब्ध हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने साढ़े पांच करोड़ लोगों को आयुष्मान योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री राहत कोष से पिछले एक वर्ष में 1100 करोड़ रुपये की सहायता दी गई। विधायकों को भी अपनी निधि से 25 लाख तक की मदद देने का अधिकार है। “पहले सुविधाएं ‘पिक एंड चूज’ के आधार पर मिलती थीं, लेकिन अब बिना भेदभाव हर नागरिक को स्वास्थ्य सेवाएं देना हमारा लक्ष्य है,” उन्होंने जोड़ा।

मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की सौगात: 250 बेड और 80 बेड के अत्याधुनिक आईसीयू से युक्त रीजेंसी हॉस्पिटल को सीएम ने पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमोत्तर बिहार और नेपाल की पांच करोड़ आबादी के लिए वरदान बताया। उन्होंने कहा कि एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं उपलब्ध होने से लोगों को लखनऊ, दिल्ली या मुंबई नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने रीजेंसी हॉस्पिटल के साझीदार तनमय मोदी की सराहना की और कहा कि यह हॉस्पिटल कानपुर की तरह यूपी में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बनेगा।

दस साल पहले की बदहाली को बदला: सीएम योगी ने याद दिलाया कि एक दशक पहले पूर्वी यूपी में स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल थीं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज अकेला बड़ा केंद्र था, जो खुद बीमार था। आज बीआरडी में बेहतर सुविधाएं हैं, गोरखपुर में एम्स कार्यरत है, और बस्ती, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, कुशीनगर, अयोध्या, जौनपुर, बलिया जैसे जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित हो रहे हैं। वाराणसी में टाटा कैंसर सेंटर भी कैंसर उपचार में नई उम्मीद जगा रहा है।

स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की जरूरत: मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा जरूरी है। उन्होंने 22-23 साल पहले गुरु गोरखनाथ चिकित्सालय के मॉडल का जिक्र किया, जिसने गोरखपुर में पहली बार आईसीयू, डायलिसिस और ब्लड बैंक जैसी सुविधाएं दी थीं। अब इस मॉडल को और उन्नत करने की जरूरत है।

 

रोजगार का अवसर: रीजेंसी हॉस्पिटल समूह के चेयरमैन डॉ. अतुल कपूर ने बताया कि यह हॉस्पिटल 300 करोड़ के निवेश से बना है और 800-900 लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार देगा। समारोह में सांसद रविकिशन शुक्ल, विधायक महेंद्रपाल सिंह, डुमरियागंज के सांसद जगदंबिका पाल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, और अन्य गणमान्य लोग शामिल रहे। यह आयोजन गोरखपुर के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ता है। 

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