डीआईजी अजय साहनी को तीसरी बार राष्ट्रपति वीरता पदक, गोरखपुर से बरेली तक बनी अमिट छाप।
गोरखपुर: भारत-नेपाल सीमा से सटे फरेंदा, महराजगंज में जन्मे और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पढ़ाई करने वाले 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी अजय कुमार साहनी को 15 अगस्त 2025 को तीसरी बार राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा। बरेली परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) के रूप में तैनात साहनी अपने 15 वर्ष के सेवा काल में यह प्रतिष्ठित सम्मान हासिल करने वाले पहले अधिकारी बन गए हैं।
‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ के रूप में विख्यात साहनी ने 52 एनकाउंटरों का नेतृत्व किया है। उनकी दुर्लभ बहादुरी, नेतृत्व और खतरे के बीच राष्ट्र समर्पण की भावना ने उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस का अमूल्य रत्न बनाया है। सौम्य व्यक्तित्व, कुशल व्यवहार और बेखौफ अंदाज के लिए महराजगंज से गोरखपुर तक लोग उनकी प्रेरणादायक कहानी सुनाते हैं।
साहनी ने जहां भी सेवाएं दीं, वहां जनता और अधीनस्थों के बीच अपनी अमिट छाप छोड़ी। उनके अदम्य साहस और कार्यशैली ने उन्हें जनता का प्रिय बनाया। चाहे वह अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो या जनसेवा, साहनी ने हर भूमिका में उत्कृष्टता दिखाई।
इस उपलब्धि पर उन्हें अनंत शुभकामनाएं और बधाई दी जा रही है। यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए गर्व का क्षण है।















