29 लाख गबन के आरोपी अशरफ अली को झटका, कोर्ट ने खारिज की जमानत।
गोरखपुर। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम, गोरखपुर ने सोमवार को 29 लाख रुपये के गबन, गाली-गलौज और धमकी (धारा 406, 504, 506 IPC) के आरोपी अशरफ अली की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। कैंट थाने में 2018 में दर्ज धोखाधड़ी के मामले (मु.अ.सं. 317/2018) में कैंट पुलिस ने 2 अगस्त 2025 को अशरफ को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
मामले की पृष्ठभूमि:
अशरफ अली ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत याचिका दायर की, जिसमें दावा किया कि वादी दिग्विजय सिंह ने उसे फर्जी फंसाया। अधिवक्ता ने तर्क दिया कि दिग्विजय, एक रसूखदार व्यक्ति, ने 5 लाख रुपये के मार्बल सौदे के भुगतान विवाद को गबन का रूप देकर मुकदमा दर्ज कराया। लेकिन अभियोजन ने इसका कड़ा विरोध किया।
अभियोजन की दलील:
अभियोजन अधिकारी ने कोर्ट को बताया कि अशरफ का आपराधिक रिकॉर्ड लंबा है, जिसमें गोरखपुर, लखनऊ और देवरिया में हत्या का प्रयास, छल, कूटरचना और गबन जैसे नौ मुकदमे दर्ज हैं। हाल ही में अशरफ के रिश्तेदार तौसीफ आलम ने वादी दिग्विजय सिंह और उनके वकील रविंद्र कुमार सिंह को धमकी दी, जिसके लिए थाना कैंट में शिकायत दर्ज है। अभियोजन ने चेताया कि जमानत मिलने पर अशरफ साक्ष्य नष्ट कर सकता है, वादी को नुकसान पहुंचा सकता है या फरार हो सकता है।
कोर्ट का फैसला:
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली की समीक्षा करने के बाद अशरफ की जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने माना कि अपराध की गंभीरता, अशरफ का आपराधिक इतिहास और साक्ष्यों को प्रभावित करने की संभावना को देखते हुए जमानत देना उचित नहीं है। यह फैसला शातिर अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का संदेश देता है।















