नवागत जिला जज मोहन लाल विश्वकर्मा ने संभाला कार्यभार, निष्पक्ष न्याय की प्रतिबद्धता।

संतकबीरनगर। जिले में न्यायिक सेवाओं को नई दिशा देने के लिए नवागत जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहन लाल विश्वकर्मा ने अपने पद का कार्यभार औपचारिक रूप से ग्रहण कर लिया। उनके कार्यभार ग्रहण करने के अवसर पर जिला न्यायालय में उत्साह और स्वागत का माहौल रहा।
संतकबीरनगर जिला, जो 1997 में स्थापित हुआ और संत कबीर दास के नाम पर प्रसिद्ध है, लंबे समय से न्यायिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। जिला न्यायालय, खलीलाबाद में 23 जनवरी 2008 से कार्यरत है, और यह गोरखपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर और अंबेडकर नगर से घिरा हुआ है। मोहन लाल विश्वकर्मा के आगमन से जिले में न्याय प्रणाली को और सुदृढ़ करने की उम्मीद जताया जा रही है।
कार्यभार ग्रहण करने के बाद विश्वकर्मा ने जिला न्यायालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एक संक्षिप्त बैठक की, जिसमें उन्होंने निष्पक्षता, पारदर्शिता और समयबद्ध न्याय प्रदान करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य आमजन की समस्याओं का त्वरित और न्यायसंगत समाधान करना है, ताकि जनता का विश्वास न्यायिक व्यवस्था में और मजबूत हो।
जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने नवागत जिला जज का स्वागत किया और उनके साथ विचार-विमर्श किया। अधिवक्ताओं ने उम्मीद जताई कि श्री विश्वकर्मा के अनुभव और नेतृत्व से जिले में लंबित मामलों का निस्तारण तेजी से होगा। उनकी नियुक्ति को उत्तर प्रदेश न्यायपालिका में हाल ही में हुए व्यापक स्थानांतरण और नियुक्तियों के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें गोरखपुर, बलिया, रायबरेली और संतकबीरनगर के लिए नए जिला जज नियुक्त किए गए हैं।
विश्वकर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि संतकबीरनगर की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को सम्मान देते हुए, वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और निष्पक्षता के साथ करेंगे। उन्होंने पक्षकारों और अधिवक्ताओं से सहयोग की अपील की, ताकि न्याय प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जा सके।















