डीएम हर्षिता माथुर की दोहरी कार्रवाई—फसल बीमा योजना में बैंकों को फटकार, नगर निकाय को साफ-सफाई के निर्देश!
रायबरेली। सोमवार, जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में दो महत्वपूर्ण बैठकों की अध्यक्षता कर प्रशासनिक सक्रियता का परिचय दिया। पहली बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की गई, जबकि दूसरी में नगर निकायों के कार्यों पर चर्चा हुई। दोनों ही आयोजनों में DM ने सख्ती और संवेदनशीलता का मिश्रण दिखाया, जो जनहित को प्राथमिकता देने की मंशा को दर्शाता है。
फसल बीमा योजना में बैंकों को कड़ी फटकार:
पहली बैठक में DM ने रबी 2023 के फसलवार बीमित धनराशि, प्रीमियम दरें, पिछले तीन वर्षों की प्रगति, खरीफ व रबी 2023-24 की क्षतिपूर्ति रिपोर्ट, और खरीफ 2025 के लक्ष्य की समीक्षा की। जिले की प्रमुख फसलों के रकबे और प्रीमियम राशि पर चर्चा के बाद उन्होंने बैंकों को किसानों की प्रीमियम राशि बीमा कंपनियों तक समय पर पहुंचाने का आदेश दिया। लेकिन बैंक ऑफ महाराष्ट्र, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक और पंजाब एंड सिंध बैंक की रिपोर्ट संतोषजनक न होने पर DM ने कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने चेतावनी दी, “किसानों का बीमा तत्काल करवाएं, वरना सख्त कार्रवाई होगी। यह योजना किसानों के हित की है, इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं।” जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडे, जिला उद्यान अधिकारी जयराम वर्मा और बैंक अधिकारी मौजूद रहे।
नगर निकाय को साफ-सफाई और विकास के निर्देश:
दूसरी बैठक में नगर पालिका और नगर पंचायतों के अध्यक्षों व अधिकारियों के साथ कार्यों की समीक्षा हुई। DM ने लोकहित कार्यों को प्राथमिकता देने, साफ-सफाई मजबूत करने, और क्रय सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के आदेश दिए। स्ट्रीट लाइट, जल जीवन मिशन के अधूरे प्रोजेक्ट्स, जेल रोड और मानिका रोड की मरम्मत पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सिद्धार्थ, नगर पालिका अध्यक्ष शत्रोहन सोनकर, अधिशासी अधिकारी स्वर्ण सिंह और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
ये दोनों कदम रायबरेली के विकास और किसानों-नागरिकों के कल्याण को नई दिशा दे सकते हैं।















