पशु तस्करी पर सख्ती के बाद अंतर्राज्यीय चोर गैंग ने अपनाया चोरी का रास्ता।
संतकबीरनगर। पशु तस्करी और गोवध पर पुलिस की बढ़ती सख्ती के बाद अंतर्राज्यीय शातिर चोर गैंग ने अपना कारोबार बदल लिया है। पहले पशुओं की तस्करी में सक्रिय यह गैंग अब चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा है। गैंग में बिहार, गोरखपुर, कुशीनगर, और संतकबीरनगर के 10 सदस्य शामिल हैं, जिन्होंने बिहार और यूपी में एक मजबूत नेटवर्क स्थापित कर लिया है। गैंग के सदस्य पशु खरीदने के बहाने गांवों में रेकी करते हैं और चिन्हित घरों में सुनियोजित तरीके से चोरी को अंजाम देते हैं।
एसओ धनघटा रामकृष्ण मिश्र और एसओ महुली रजनीश राय के अनुसार, गैंग का नेतृत्व संतकबीरनगर के धनघटा क्षेत्र के मैली गांव निवासी इम्तियाज कर रहा है, जबकि बिहार से भुट्ट अली इसकी कमान संभालते हैं। दोनों का संपर्क पहले पशु तस्करी के धंधे से हुआ, जिसमें यूपी से बिहार और फिर पश्चिम बंगाल तक पशुओं की तस्करी होती थी।
लेकिन पुलिस की कड़ी कार्रवाई के बाद यह गैंग चोरी की ओर मुड़ गया। गैंग के पास बोलेरो वाहन हैं, जो वारदातों में इस्तेमाल होते हैं। हालिया घटनाओं में 31 मई को गोरखपुर के सिकरीगंज क्षेत्र के नकौड़ी गांव, 24 जून को धनघटा के सिरसी में तीन घरों, और 25 जून को महुली के तरयापार में चोरियां हुईं। पुलिस गाड़ी देखते ही गैंग लीडर इम्तियाज, अकबाल, हमीद, और भुट्टू अली बोलेरो से फरार हो गए।
एसपी संदीप कुमार मीना ने बताया कि इस गैंग पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। अभी तक 66 अभियुक्तों में से चार, जिनमें गैंग सरगना इम्तियाज शामिल हैं, पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें लगाई गई हैं। गैंग की रणनीति और नेटवर्क पुलिस के लिए चुनौती बन गया है, लेकिन सख्ती से इसे कुचलने का संकल्प लिया गया है।















