ग्राम चौपाल में सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी ने ग्रामीणों की समस्याएँ सुनी, एक हफ्ते में निस्तारण का निर्देश।
गोरखपुर। विकासखंड सहजनवा के ग्राम पंचायत पकड़ी में शुक्रवार, 11 जुलाई 2025 को आयोजित ग्राम चौपाल में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) शाश्वत त्रिपुरारी ने ग्रामीणों की 32 शिकायतों को गंभीरता से सुना। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास, सुलभ शौचालय, नाली निर्माण, वृद्धा पेंशन, राशन कार्ड, नया फैमिली आईडी कार्ड, और जन्म प्रमाण पत्र जैसे मुद्दों पर प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए। जिला विकास अधिकारी राजमणि वर्मा ने बताया कि चौपाल में संतुला, जयप्रकाश, लक्ष्मी, संगीता, पुष्पा, शांति, जयंती, झींनक, लालजी, चंदा, सुनीता, अनुष्का, आराध्य, दिव्यांश, रविंदर, मुनिता, नितेश, रंजीत, और प्रभावती सहित कई ग्रामीणों ने अपनी समस्याएँ रखीं।सीडीओ ने इन 32 आवेदनों जिनमें 12 आवास, 6 शौचालय, 2 नाली, 2 वृद्धा पेंशन, 3 राशन कार्ड, 4 फैमिली आईडी कार्ड, और 3 जन्म प्रमाण पत्र शामिल हैं को जिला विकास अधिकारी को सौंपते हुए एक सप्ताह के भीतर निस्तारण का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे चौपाल में सक्रिय भागीदारी करें, ताकि आवास, शौचालय, नाली, पेंशन, और अन्य सुविधाओं की समस्याएँ शीघ्र हल हो सकें।
सीडीओ ने नाली, खड़ंजा, मनरेगा, पशुपालन, और कृषि तकनीकी जैसी सरकारी योजनाओं की जानकारी भी साझा की, ताकि ग्रामीण इनका लाभ उठा सकें।चौपाल से पहले सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी ने ग्राम पंचायत पकड़ी में मां के नाम पर पौधारोपण किया और ग्रामीणों से प्रेरित होकर अपने घरों के सामने खाली जगह पर पेड़ लगाने का आह्वान किया। इस पहल से पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी सत्यकांत तोमर, एडीओ पंचायत, ग्राम प्रधान, और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। यह आयोजन ग्रामीणों और प्रशासन के बीच संवाद का मंच बनकर उभरा, जो सरकार की जनकेंद्रित नीतियों को मजबूत करता है।
सीडीओ की सक्रियता और समयबद्ध निस्तारण का आश्वासन ग्रामीणों में विश्वास जगाने वाला कदम है।प्रभाव: हेडिंग में “ग्राम चौपाल” और “निराकरण का निर्देश” जैसे शब्द ग्रामीण सशक्तिकरण और प्रशासनिक जवाबदेही को रेखांकित करते हैं। खबर का प्रवाह संक्षिप्त, स्पष्ट, और प्रेरक है, जो ग्रामीणों की समस्याओं, सीडीओ की सक्रियता, और पर्यावरण पहल को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करता है। शब्दों का तालमेल—जैसे “गंभीरता”, “सख्त निर्देश”, और “आह्वान”—प्रशासनिक दृढ़ता और सामुदायिक भागीदारी को उजागर करता है।















