कार्बाइट से पके आम बिगाड़ सकते हैं सेहत

डॉ धीरज सिंघानिया गोरखपुर वरिष्ठ फिजीशियन

कार्बाइट से पके आम बिगाड़ सकते हैं सेहत

सेहत बिगाड़ सकते हैं कार्बाइड से पके आम

उत्तर प्रदेश/गोरखपुर/संतकबीरनगर फलों का राजा आम इन दिनों कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दे
बाजार में फलों का राजा आम हर तरफ सजा हुआ है। अलग-अलग प्रजातियों के आम बाजार में खूब बिकते नजर आ रहे हैं। कोई घर ऐसा नहीं है जहां गर्मियों में आम का स्वाद न लिया जाता हो। चाहे हाफुस आम हो या कलमी लंगड़ा या फिर केसर अथवा दशहरी आम सबकी पसंद है।

चारों तरफ आम ही आम बाजारों में

बाजार में फलों का राजा आम हर तरफ सजा हुआ है। अलग-अलग प्रजातियों के आम बाजार में खूब बिकते नजर आ रहे हैं। कोई घर ऐसा नहीं है जहां गर्मियों में आम का स्वाद न लिया जाता हो। चाहे हाफुस आम हो या कलमी, लंगड़ा या फिर केसर अथवा दशहरी, आम सबकी पसंद है। रस भरे आमों के स्वाद भोजन का जायका दोगुना कर देता है। आम के कई औषधीय गुण भी हैं लेकिन कई बार बाजार में बिकने वाले पके हुए आम आपकी सेहत को भारी नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। बाजार की नब्ज पकड़ने के लिए व्यापारी रासायनिक तौर तरीकों से आम को पका देते हैं और जिन रसायनों का इस्तेमाल इन्हें पकाने के लिए किया जाता है, वे बेहद घातक सिद्ध हो सकते हैं।

फलों का पकना एक ऐसी प्रक्रिया है।जिसके जरिये फल अपने वांछित स्वाद, गुणवत्ता, रंग और प्रकृति और अन्य बनावट गुणों को प्राप्त करते हैं, पकने की प्रक्रिया में स्टार्च का चीनी में रूपांतरण हो जाता है, फलों को पकाने के लगभग सभी तरीके या तो पारंपरिक हैं या आधुनिक रासायनिक तरीके हैं। जिसके अपने गुण और अवगुण हैं। प्राकृतिक परिस्थितियों में, एथिलीन, पौधे द्वारा उत्पादित एक पकने वाला हार्मोन है जो पकने की प्रक्रिया को उत्प्रेरित करने के लिए घरों में प्रचलित एक सरल तकनीक है, हवा बंद डब्बे के अंदर पके फलों के साथ कच्चे पकने वाले फलों को एक साथ रखना, लेकिन इस पद्धति का मुख्य दोष यह है कि फल एक समान रंग और स्वाद प्राप्त नहीं करते हैं। डाल का पका आम बाजार में आने लिए कम से कम अभी 15 से 20 दिन लग जाएंगे। इधर जो भी आम दिखाई देंगे, कहीं न कहीं व रसायनिक तरीके से ही पकाए गए होंगे

इस पर क्या है डॉक्टरों की राय जाने

—- वरिष्ठ फिजीशियन डॉ कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि इन दिनों जो बाजारों में आम मिल रहे हैं अधिकांश रासायनिक पदार्थों से पकाया जा रहे हैं जो सेहत को काफी नुकसान कर सकता है।और कि कार्बाइड व रसायन लगाकर पकाया गया आम सेहत के लिए हानिकारक है। इसका सेवन करने से पेट में दर्द, गेस्ट्रोटाइटिस, एलर्जी, पेट में अल्सर तक हो सकता है। आक्साइड देकर फल को पकाने से यह जहरीला हो जाता है।

—— वरिष्ठ फिजीशियन डॉ आनंद मिश्रा ने बताया कि इस समय कार्बाइट से पके आम बाजारों में बड़े पैमाने पर देखे जा रहे हैं जो मरीजों को सेहत पर नुकसान पहुंचा सकते हैं कार्रवाईट से पके आम का सेवन करने से बचें। पेट दर्द, गेस्टो संबंधित बीमारियों को दावत दे सकते हैं।

— वरिष्ठ फिजीशियन गोरखपुर डॉ धीरज सिंघानिया ने बताया कि इन दिनों रसायन प्रक्रिया से पके आम बाजारों में बड़े पैमाने पर देखे जा रहे है लोग खूब खरीदारी भी कर रहे हैं।इसको लेकर के हमारी राय है कि आम को ले जाकर के घर पर करीब 6 से 8 घंटे तक उसे ठंडे पानी में डाल दें ताकि उसके दुष्प्रभाव कम हो सके लेकिन जहां तक इसे खाने से बचें सेहत पर नुकसान पहुंचा सकते हैं।

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